अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में तैनात अपने ज्यादातर वॉरशिप को ईरान के तट से हटा लिए हैं. ये जहाज ईरान की घेराबंदी के लिए तैनात किए गए थे. यह खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों के सामने आने के बाद हुआ है. इन तस्वीरों से पता चला है कि अब ओमान की खाड़ी और अरब सागर में किसी भी तरह से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. सितंबर महीने की शुरुआत से इन जहाजों की किसी तरह की जानकारी नहीं है.
इधर, सितंबर की शुरुआत में IRGC ने कासिम बशीर एंटी शिप बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट की थी. इसकी रेंज लगभग 1200 किमी बताई गई थी. यह रेंज ओमान की खाड़ी के बड़े हिस्से और अरब सागर के कुछ हिस्सों को पूरी तरह के कवर करती है. इससे अमेरिकी नौसेना के जहाज मिसाइल की मार करने वाली रेंज में आ गए थे.
It appears that the US has moved most of its warships away from Iran’s coast. The ships had been deployed to support the US naval blockade of Iran.
In early september IRGC tested the Qasem Basir anti-ship ballistic missile, which has a range of about 1,200 km. That range covers… pic.twitter.com/OxIPOZmj80
— Current Report (@Currentreport1) September 25, 2026
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से ही सेंटिनल-2 की तस्वीरों में जांच में यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन, यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू बुश, यूएसएस बॉक्सर, या उनके साथ चलने वाले डिस्ट्रॉयर का नामोनिशान नहीं है. इससे पहले इन इलाकों में अमेरिकी वॉरशिप को नाकेबंदी करते देखा जा सकता था.
इन वॉरशिप का नजर न आना ईरान की बड़ी सफलता?
माना जा रहा है कि इन वॉरशिप के नजर आने की वजह यह नहीं है कि CENTOM के इलाके से चले गए हैं. लेकिन फॉर्वड लाइन से इनका हटना मीडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच मायने रखता है. 5 सितंबर के यूएस सेंट्रल कमांड ने पुष्टी की थी कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने एक एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर को निशाना बनाया था.
उन्होंने कहा था कि जहाजों ने बिना उकसावे के किए गए ईरान के कई हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया. किसी अमेरिकी के हताहत होने या किसी पक्के नुकसान की खबर नहीं मिली है.
CENTOM ने भी मिसाइल या निशाना बनाए गए जहाजों की पहचान नहीं उजागर की. बाद की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इसमें जॉर्ज एच. डब्ल्यू बुश की बजाय जॉर्ज वॉशिंगटन कैरियर शामिल था. इससे घटना की अहम जानकारी की पुष्टी नहीं हो सकी.
मिसाइल का नाम कासिम बशीर
जिन ईरानी मिसाइलों ने अमेरिकी वॉरशिप को निशाना बनाया था, उसकी पहचान कासिम बशीर के तौर पर हुई है. ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने दावा किया है कि इस मिसाइल ने अमेरिकियों के लिए नर्क जैसी स्थिति बना दी थी और वे भाग गए. इस मिसाइल को ईरान की तरफ से प्रेशर बनाने वाले सबूत के तौर पर पेश किया गया है.
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