Headlines

घर में कैसे उगाएं पान का पत्ता? इन तरीकों से महक जाएगा घर


पान का पत्ता भारतीय घरों में सिर्फ खाने और पूजा-पाठ के लिए ही इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि इसका पौधा घर की हरियाली भी बढ़ाने में मदद करता है. पान की बेल देखने में बेहद सुंदर होती है और इसके हरे पत्ते घर के वातावरण को भी ताजगी से भर देते हैं. वहीं इसकी महक भी घर की हवा को महका देती है.

ऐसे में अगर आप भी घर में पान का पौधा उगाना चाहते हैं तो कुछ आसान तरीकों को अपनाकर इसे गमले में आसानी से तैयार कर सकते हैं. जानें पान का पत्ता उगाने के लिए सही मिट्टी, सिंचाई, नमी और देखभाल के बारे में.

कटिंग से लगाएं पान का पौधा

घर में पान उगाने का सबसे आसान तरीका इसकी स्वस्थ बेल की कटिंग लगाना. इसके लिए ऐसी पान की बेल चुनें जिसमें कम से कम 2-3 गांठें हों. कटिंग को सीधे मिट्टी में लगाने के बजाय पहले थोड़े पानी में रखकर जड़ें विकसित करना बेहतर होता है. जब बेल में छोटी जड़ें दिखाई देने लगें, तब यह गमले में लगाने के लिए तैयार हो जाता है.

कैसी होनी चाहिए मिट्टी?

पान की बेल को ऐसी मिट्टी पसंद आती है जिसमें पानी जमा न हो और नमी बनी रहे. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह तैयार जैविक खाद और थोड़ी रेत मिलाने पर बेल के विकास में मदद मिलती है. वहीं ऐसे गमले का चुनाव करना बेहतर होगा जिसमें नीचे जल निकासी के लिए छेद जरूर हो. बहुत ज्यादा पानी जमा रहने से जड़ें खराब हो सकती हैं.

धूप का रखें ध्यान

पान का पौधा तेज और सीधी धूप में रखने के बजाय ऐसी जगह रखना बेहतर होता है जहां उसे हल्की रोशनी मिले. सुबह की हल्की धूप इसके लिए उपयोगी होती है, लेकिन दोपहर की तेज धूप से बेल की नाजुक पत्तियां जल सकती हैं. इसे बालकनी, खिड़की के पास या ऐसी जगह रखना उचित होता है जहां कम धूप आती है.

यह भी पढ़ें: कम लागत में अक्टूबर में उगाएं शानदार मूली, जान लें तरीका

मिट्टी में नमी बनाए रखें

पान की बेल को नमी पसंद होती है, इसलिए मिट्टी को पूरी तरह सूखने न दें. हालांकि हर दिन जरूरत से ज्यादा पानी देना भी सही नहीं है. जब ऊपर की मिट्टी हल्की सूखी महसूस हो, तभी पानी देना सही होता है. गर्म मौसम में पौधे की नमी पर थोड़ा अधिक ध्यान देना देने की जरुरत पड़ती है.

बेल को दें सहारा

पान एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसके बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है. गमले में लकड़ी की पतली डंडी या जाली लगाने से बेल को सहारा मिल जाता है. बेल को धीरे-धीरे इस सहारे पर चढ़ाने से पौधा सुंदर आकार में विकसित होता है और आसपास की जगह भी हरी-भरी नजर आती है.

इन बातों का रखें खास ध्यान

पान के पौधे को ठंडी हवा, बहुत तेज धूप और पानी के जमाव से बचाना जरूरी है. समय-समय पर सूखे या खराब पत्तों को हटाना से और पत्तियों के नीचे की तरफ कीटों की जांच करने से बेल प्रभावित नहीं होती और उसके विकास में परेशानी नहीं होती है.

यह भी पढ़ें: कैसे होती है सनई की खेती, इसके फूल से बनती है सब्जी और रस्सी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *