भारत सरकार ने रूस जाने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक्स पोस्ट में कहा कि हमें लगातार ऐसी खबरें मिल रही हैं कि भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया जा रहा है.
मंत्रालय ने कहा, ”सरकार ने पिछले दो सालों में कई बार इस काम से जुड़े जोखिमों और खतरों के बारे में बताया है और भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे विदेश में नौकरी के मौकों को देखते समय सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के नौकरी के ऑफर के झांसे में न आएं.’
Advisory for Indians travelling to Russia
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) October 1, 2026 ‘
पैसे के लालच में सेना में शामिल होने से बचें
विदेश मंत्रालय ने उन लोगों को भी चेतावनी दी है जो पैसे मिलने की उम्मीद में खुद रूसी सेना में शामिल होने के मौके तलाशते हैं. कुछ मामलों में लोगों को यह उम्मीद रही कि सेना में शामिल होने के बाद वे भारत सरकार से संपर्क करके अपनी रिहाई करा लेंगे. MEA ने साफ कहा कि ऐसा करना बेहद खतरनाक रास्ता है और सरकार इसे सख्ती से हतोत्साहित करती है.
भारतीय नागरिकता छोड़ने को लेकर भी चेतावनी
मंत्रालय ने ऐसे मामलों का भी जिक्र किया है, जिनमें कुछ भारतीय नागरिकों ने रूसी पासपोर्ट हासिल करने और इसके बाद रूसी सेना में शामिल होने की कोशिश की. कुछ लोगों ने अस्थायी आर्थिक फायदे की उम्मीद में भारतीय अधिकारियों से सलाह लिए बिना ऐसे कदम उठाए. MEA ने भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे इस तरह के फैसले से जुड़े गंभीर और जानलेवा जोखिमों को समझें और ऐसे कदमों से बचें.
बिना जांचे एजेंट से नौकरी का ऑफर न लें
MEA के मुताबिक, विदेशी नागरिकों की रूसी सेना में भर्ती के लिए कुछ गैर-सरकारी संस्थाओं और स्वयंसेवी समूहों के जरिए भी संपर्क किए जाने की जानकारी सामने आई है.इसी वजह से मंत्रालय ने भारतीयों से कहा है कि रूस में नौकरी का कोई भी ऑफर मिलने पर उसकी अच्छी तरह जांच करें. खास तौर पर ऐसे एजेंटों से सावधान रहें जो विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत नहीं हैं.
