सौरव दास की अगुवाई में दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर सीजेपी ने रविवार (4 अक्टूबर) को विरोध प्रदर्शन किया. थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटी और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई. प्रदर्शनकारी कल जंतर-मंतर पर महिला पत्रकार के साथ हुई बदसलूकी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपी पुलिसवाले पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीन अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतों को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में विरोध-प्रदर्शन के दौरान, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की स्थिति में तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. नई दिल्ली ज़िले को उनकी शिकायतें मिली हैं और निष्पक्ष जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है.’
नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू
दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू की है. किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने एसआईआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले निषेधाज्ञा लागू कर दी थी.
डीसीपी नई दिल्ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नई दिल्ली जिले में सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए धारा 163 लागू है. पोस्ट में कहा गया है कि बिना अनुमति के जमावड़े, सार्वजनिक भाषण, नारे लगाना, जुलूस, प्रदर्शन, धरने और अन्य विशिष्ट गतिविधियों पर रोक है. इसमें आगे कहा गया कि शनिवार को होने वाले किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है और न ही नई दिल्ली जिला पुलिस को ऐसे किसी विरोध प्रदर्शन के बारे में कोई पूर्व सूचना मिली है.
