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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस सरकार ने दिए जांच के आदेश, सुसाइड का केस


SIR और चुनावों में धांधली के आरोपों के बीच केरलम की कांग्रेस सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने एक सुसाइड केस में जांच के आदेश दिए हैं. यह केस 2006 में केरलम के लोक निर्माण विभाग (PWD) के तत्कालीन सचिव और मौजूदा CEC ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान KSTP सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों और प्रोजेक्ट से जुड़े एक मलेशियाई सिविल इंजीनियर की मौत के मामले से जुड़ा है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब केरलम के गृह विभाग ने 2006 में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ की गई शुरुआती सतर्कता जांच से जुड़ी फाइलों को मंगवाया था. 

रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्निथला ने यह नई जांच शुरू करने के लिए तब आदेश दिया, जब KPCC नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल ने शनिवार (3 अक्टूबर, 2026) को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. 

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आदेश जारी करने में बोले चेन्निथला

केरलम के गृह मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) को निर्देश दिया गया कि वह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर सोचने से पहले शुरुआती जांच करें. वहीं, केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने शिकायत की जांच की है और आरोपों में प्रथम दृष्टया आधार पाया गया है.

पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से सहमत हूं कि मामले में विस्तृत रूप से सतर्कता जांच होनी बहुत जरूरी है. मैंने इस बारे में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन से भी बात की, उसके बाद मैंने विजिलेंस विभाग के डायरेक्टर मनोज अब्राहम को कानून के तहत विस्तृत जांच के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है.’

क्या है 20 साल पुराना मामला?

दरअसल, यह मामला एक मलेशिबियाई सिविल इंजीनियर लीसी बीन की आत्महत्या से जुड़ा है, जो केरलम राज्य परिवहन परियोजना (KSTP) के तहत MC रोड पर अपग्रेडिंग का काम कर रहे पति-बेल कंसोर्टियम से जुड़े थे.

चेन्निथला के मुताबिक, 2006 में वर्ल्ड बैंक की फंडिंग से 215 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत KSTP  अंगमाली से तिरुवंतपुरम तक MC रोड के पुनर्निर्माण का काम शुरू किया था. पति बेल, जो कि एक मलेशियाई कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग का जॉइंट वेंचर था, ने ये प्रोजेक्ट संभाली थी. उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के काम के दौरान कई शिकायतें की थीं. इसके बाद वह मलेशिया लौट गए, जहां उन्होंने सुसाइड कर दिया था. 

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