हिंदू कॉलेज में क्यों हो रहा विरोध? एडमिशन से जुड़े विवाद का क्या है पूरा मामलादिल्ली यूनिवर्सिटी में हिंदू कॉलेज में एडमिशन और कॉलेज प्रशासन के कामकाज को लेकर शिक्षकों और छात्रों का विरोध लगातार जारी है. कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन का धरना तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है. गुरुवार को प्रदर्शनकारी शिक्षक और छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी की कुलपति कार्यालय तक मार्च लेकर पहुंचे. कुलपति की अनुपस्थिति में उन्होंने साउथ कैंपस के निदेशक रजनी अब्बी को ज्ञापन सौंपा. शिक्षक संघ ने कॉलेज में एडमिशन से लेकर वित्तीय प्रबंधन, खरीद प्रक्रिया, नियुक्तियां, छात्र सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था तक कई मुद्दे उठाए.
आपको बता दें कि इस मामले की शुरुआत 2026-27 सत्र के पहले चरण के एडमिशन के दौरान हुई. एचसीएसए का आरोप है कि स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी कोटे के तहत किसी एक यूजी प्रोग्राम में तय 20 प्रतिशत सीमा से ज्यादा सीटें आवंटित की गई. वहीं शिक्षक संघ के अनुसार कुल 48 स्पोर्ट्स और ईसीए सीटों में से बीकॉम ऑनर्स में 17 और बीए ऑनर्स पॉलिटिकल साइंस में 15 सीटें आवंटित हुई. संगठन का कहना है कि इस तरह निर्धारित सीमा से ज्यादा सीटें एक-एक कोर्स में चली गई. दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अतिरिक्त आवंटन के पीछे एडमिशन एल्गोरिदम में हुई गलती को बताया. वहीं हिंदू कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर अंजू श्रीवास्तव ने भी एडमिशन में अपनी सीधी भूमिका से इनकार किया. उनका कहना है कि कॉलेज को यूनिवर्सिटी की ओर से जो सीटें आवंटित की जाती है, उन्हीं के आधार पर एडमिशन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है.
सिर्फ एडमिशन तक सीमित नहीं रहा विवाद
एचसीएसए ने अब कॉलेज के दूसरे प्रशासनिक मामलों को भी अपनी शिकायतों में शामिल कर लिया है. शिक्षक संघ ने स्टाफ काउंसलिंग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाए हैं कि कुछ मामलों में समानांतर समितियों और बैठकों के जरिए उसकी भूमिका को दरकिनार किया है. शिक्षकों ने स्टडी लीव, चाइल्ड केयर लीव, सब्बैटिकल और प्रमोशन से देरी का मुद्दा भी उठाया है. इसके अलावा छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता फीस में बढ़ोतरी और छात्रों की सुविधाओं जैसे जुड़े मामले पर भी जवाब मांगा है.
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वित्तीय और निर्माण कार्य की जांच की मांग
संगठन ने कॉलेज के वित्तीय कामकाज और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की भी मांग की है. हॉस्टल मेस टेंडर, सुरक्षा और सफाई सेवाओं की लंबे समय से आउटसोर्सिंग, कॉलेज परिसर के व्यावसायिक इस्तेमाल और निर्माण कार्य से जुड़े मामलों की जांच की मांग भी की गई है. एचसीएसए ने गवर्निंग बॉडी की बैठकों के मिनट्स, ऑडिटेड अकाउंट्स, सीएजी से जुड़ी रिपोर्ट, टेंडर, कॉन्ट्रैक्ट और फीस से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी रखी है.
तीन शिक्षकों को नोटिस के बाद विवाद
विरोध के बीच हिंदू कॉलेज की गवर्निंग बॉडी में एचसीएसए अध्यक्ष रतन लाल, सचिव शंकर कुमार और एसोसिएट प्रोफेसर पीके विजय को कारण बताओं नोटिस जारी किया. यह नोटिस प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयानों और पत्राचार से जुड़े थे. एचसीएसए ने इन नोटिस का विरोध किया और कहा कि उसके पदाधिकारी ने संगठन के सामूहिक निर्णय के आधार पर अपनी बात रखी थी. शिक्षक संघ में प्रदर्शनकारी शिक्षकों और छात्रों को डराने धमकाने के आरोप भी लगाए हैं.
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