उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप विधि-विधान के साथ ठीक दोपहर 12 बजकर 35 मिनट और गंगोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 15 मिनट पर ग्रीष्मकाल हेतु आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए. कपाट खुलने के साथ ही पूरा धाम ‘जय मां यमुना’ के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया. इसके साथ ही चारधाम यात्रा विधिवत शुभारंभ हो गयी.
कपाट उद्घाटन के पावन अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ देश-विदेश से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनकर स्वयं को धन्य महसूस किया. श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा.
चारधाम यात्रा विधिवत शुभारंभ
इस अवसर पर श्री यमुनोत्री मंदिर समिति, प्रशासनिक अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा धाम पहुंचे तीर्थ यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया. यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो सके. धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है.
यात्रियों से सावधानी की अपील
स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी यात्रा सीजन से अच्छी उम्मीदें हैं. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान मौसम, स्वास्थ्य और सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हुए ही दर्शन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे.
यहां बता दें कि इस वर्ष चारधाम यात्रा अमे यात्रियों कि सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किये गए हैं. पिछले दिनों गृह मंत्रालय के निर्देशन में मॉक ड्रिल भी की गयी थी. जिसमें आपदा कि स्थिति में इंतजामों को परखा गया. यात्रा मार्ग पर विशेष निगरानी के साथ सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है.
