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ओला, उबर और रैपिडो को सरकार का अल्टीमेटम, 9 महीने में 100% इलेक्ट्रिक वाहन चलाएं


आज के समय में बाइक टैक्सी का इस्तेमाल दिन ब दिन बढ़ रहा है.  अगर आप महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी का उपयोग करते हैं या फिर बाइक टैक्सी चलाते हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है. राज्य सरकार ने Ola,Uber और Rapido समेत सभी बाइक टैक्सी कंपनियों को अपनी बाइक इलेक्ट्रिक करने का निर्देश दिया है.

जानकारी के मुताबिक, कंपनियों को अपना पूरा बाइक टैक्सी फ्लीट इलेक्ट्रिक करने के लिए कुछ महीनों का समय दिया गया है. यानी अब बाइक टैक्सी को पेट्रोल की जगह इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट करने की तरफ कदम उठाया गया है.

कितना समय दिया गया है?

रिपोर्ट के मुताबिक, जो भी कंपनियां अभी पेट्रोल से चलने वाली बाइक का इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन पर शिफ्ट होना होगा और उन्हें इसके लिए 6 महीने का समय दिया गया है. लेकिन ये समय सीमा सभी के लिए एक जैसी नहीं है, क्योंकि कुछ कंपनियों को एक्स्ट्रा समय दिया गया है, लेकिन इसके पीछे कारण भी है.

नियम लागू करने के दिए निर्देश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने RTOs और बाइक टैक्सी कंपनियों को इस नियम को लागू करने के लिए कहा है. यानी अब आने वाले समय में महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी पेट्रोल की जगह इलेक्ट्रिक कर दी जाएंगी. 

कुछ कंपनियों को मिलेगा एक्स्ट्रा समय

बता दें कि जिन भी ऑपरेटर्स ने महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 के तहत प्रोविजनल लाइसेंस के लिए पहले से ही अप्लाई किया हुआ है तो उन्हें पेट्रोल से इलेक्ट्रिक वाहन पर शिफ्ट होने के लिए 3 महीने का एक्स्ट्रा समय दिया जाएगा. यानी अलग-अलग मामलों में कंपनियों को अपनी सभी बाइक पेट्रोल से इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट करने के लिए 9 महीने तक का समय मिल सकता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर सरकार ने ये फैसला क्यों लिया है इस फैसले के पीछे सरकार का मकसद क्या है?

सरकार का मकसद क्या है?

अगर बात करें इस निर्देश के पीछे सरकार के मकसद की तो राज्य में तेजी से बाइक टैक्सियों की संख्या बढ़ रही है और पेट्रोल से चलने वाली बाइक से प्रदूषण बढ़ता है तो सरकार ने इसलिए अब इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाया है.

वहीं इसके साथ ही पेट्रोल वाली बाइक के मुकाबले में इलेक्ट्रिक बाइल चलाने में खर्च कम आता है. हां, ये जरूर है कि इलेक्ट्रिक बाइक की शुरुआती लागत ज्यादा हो सकती है,लेकिन बाद में इन्हें चलाने का खर्च पेट्रोल वाली बाइक की तुलना में कम होता है. इससे जो लोग बाइक टैक्सी चलाते हैं उनका खर्च भी कम हो सकता है.

कैब बुकिंग होगी महंगी या सस्ती?

राज्य सरकार ने जब बाइक टैक्सी को इलेक्ट्रिक करने के निर्देश दे दिए हैं तो लोगों के मन में सवाल होगा कि क्या अब बाइक टैक्सी की बुकिंग महंगी हो जाएगी? शुरुआत में बुकिंग महंगी हो सकती है, इसके पीछे कारण भी है. क्योंकि अब कंपनियों को इलेक्ट्रिक बाइक पर काफी खर्च करना होगा और वहीं इसकी चार्जिंग की व्यवस्था पर भी खर्च आएगा.

ऐसे में अगर बाइक कम हुई तो किराया बढ़ने की संभावना है. लेकिन आगे चलकर इलेक्ट्रिक बाइक के ऊपर कम खर्च होने से इसकी बुकिंग सस्ती हो सकती है. क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन का खर्च पेट्रोल वाले वाहनों की तुलना में कम होता है और इसका सबसे बड़ा फायदा भी ये है कि इलेक्ट्रिक बाइक से प्रदूषण भी नहीं होता है. 

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