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90 घंटे का उपवास, मुंबई के सीईओ ने जन्मदिन पर व्रत से सबको चौंकाया


आजकल लोग अपना जन्मदिन मनाने के लिए महंगे होटलों में जाते हैं, शानदार पार्टियां करते हैं या फिर लंबी ट्रिप पर निकल जाते हैं. लेकिन मुंबई के एक जाने-माने बिजनेसमैन ने इस बार अपना जन्मदिन बिल्कुल अलग और बेहद हैरान कर देने वाले अंदाज में मनाया. उन्होंने अपने जन्मदिन के मौके पर कोई केक नहीं काटा और न ही कोई पार्टी की, बल्कि वह पूरे 90 घंटे यानी लगभग चार दिनों तक भूखे रहे. सोशल मीडिया पर उनकी इस अनोखी यात्रा और उनके अनुभवों की जमकर चर्चा हो रही है. लोग यह जानकर हैरान हैं कि कोई व्यक्ति अपने जन्मदिन पर ऐसा चैलेंज कैसे ले सकता है.

कौन हैं ये बिजनेसमैन?

इस अनोखे चैलेंज को पूरा करने वाले व्यक्ति का नाम अभिषेक अग्रवाल है, जो CreditVidya और प्रेफ़र Prefr कंपनियों के CEO हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर अपनी इस 90 घंटे की उपवास यात्रा का पूरा अनुभव शेयर किया है. अभिषेक ने बताया कि वह हर साल अपने जन्मदिन पर खुद को कोई न कोई व्यक्तिगत चुनौती देते हैं. इस साल उन्होंने भूख बनाम इच्छाशक्ति की परीक्षा लेने का फैसला किया. उनका मकसद यह देखना था कि जब इंसान को बिना भोजन के रहना पड़े, तो उसका दिमाग और शरीर किस तरह से काम करता है.

चार दिनों का सफर कैसा रहा?

अभिषेक ने बताया कि फास्टिंग का पहला दिन उनके लिए काफी आसान था और उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं हुई. लेकिन जैसे ही दूसरा दिन आया, उनकी हालत थोड़ी खराब होने लगी। उनके मन में यह सवाल उठने लगा कि उन्होंने आखिर यह कठिन चैलेंज क्यों शुरू किया। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले ऐप Zomato की भी बहुत याद आई. तीसरे दिन तक आते-आते उनके दिमाग में एक अजीब सी शांति छा गई. वहीं चौथा दिन, जो उनका जन्मदिन था, उस दिन उनका दिमाग पिछले कई महीनों की तुलना में सबसे ज्यादा साफ और शांत महसूस कर रहा था.

फास्टिंग के बाद खुद को माना सुपरहीरो

पूरे 90 घंटे का यह कठिन चैलेंज पूरा करने के बाद अभिषेक ने महसूस किया कि इंसान का शरीर और दिमाग उतनी तकलीफ बर्दाश्त कर सकता है, जितनी हम सोच भी नहीं सकते. चैलेंज खत्म होने के बाद वह खुद को बहुत ज्यादा मजबूत और किसी सुपरहीरो जैसा महसूस कर रहे थे. अभिषेक ने अपनी इस यात्रा के दौरान कसरत करते हुए कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं.

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सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रिया

अभिषेक अग्रवाल की इस पोस्ट के सामने आने के बाद इंटरनेट पर एक नई बहस छिड़ गई है. कई लोग उनके इस जज्बे और इच्छाशक्ति की जमकर तारीफ कर रहे हैं. एक यूजर लिखता है कि आज के समय में खुद को ऐसी असहज स्थिति में डालना एक बहुत बड़ा अनुभव है, जिससे हमें अपने बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलता है. वहीं, कुछ लोगों ने एक जरूरी सलाह भी दी. उनका कहना था कि खुद की सीमाओं को जानना अच्छी बात है, लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारे शरीर की वास्तविक जरूरत क्या है. एक अन्य यूजर ने अपना पुराना अनुभव बताते हुए लिखा कि उन्होंने भी कभी आठ दिनों का उपवास रखा था, जिससे उन्हें मानसिक स्पष्टता और आध्यात्मिक शांति मिली थी.

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