दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में तैनात कम से कम 70 कंपनियों के करीब 7,000 जवानों को कानून-व्यवस्था संभालने के लिए दिल्ली लाया जा रहा है.
पांच और छह अक्टूबर को जारी दो आधिकारिक पत्रों के मुताबिक, यह तैनाती कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के मद्देनजर की जा रही है. प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी. उन पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं.
गृह मंत्रालय के निर्देश पर जवानों की तैनाती
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सीआरपीएफ के पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सेक्टर को जवानों की तैनाती के संबंध में निर्देश दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ की इकाइयों को पूरी परिचालन क्षमता बनाए रखने और आधुनिक उपकरण, हथियार व गोला-बारूद साथ रखने को कहा गया है. प्रत्येक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं.
निर्देश में कहा गया है कि सभी कंपनियों के पास दंगा नियंत्रण के आधुनिक उपकरण, जरूरी हथियार और निर्धारित गोला-बारूद होना चाहिए. जवानों को उनकी ड्यूटी, अनुशासन और सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी भी दी जाए. यह तैनाती गृह मंत्रालय के निर्देश पर की जा रही है.
जंतर-मंतर के आसपास अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
10 अक्टूबर के मार्च से पहले जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. नई दिल्ली जिले में दो अक्टूबर से ही सुरक्षा बढ़ाई गई है. उस दिन वामपंथी दलों, आम आदमी पार्टी (AAP) और नागरिक संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया था.
तीन अक्टूबर को CJP की ओर से दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चार और पांच अक्टूबर को तेलंगाना, मेघालय और मिजोरम के अपने निर्धारित दौरे रद्द कर दिए. सात अक्टूबर को प्रस्तावित मणिपुर दौरा भी रद्द कर दिया गया. इसके बाद से वह स्थिति पर नजर रखने के लिए दिल्ली में ही हैं.
जंतर-मंतर जुलाई में CJP के बड़े छात्र आंदोलन का केंद्र भी रहा था, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था. पुलिस ने 26 जुलाई से इस स्थल को प्रदर्शन के लिए बंद कर रखा है और कोई वैकल्पिक जगह भी नहीं दी गई है. दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर क्षेत्र में जुलूस, रैली और धरने पर रोक लगाई है.
पश्चिम बंगाल से 40 कंपनियां तत्काल होंगी रवाना
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, सीआरपीएफ की 40 कंपनियों को बिना समय गंवाए पश्चिम बंगाल से हटाकर दिल्ली भेजा जाएगा. संबंधित अधिकारियों को इन कंपनियों को मौजूदा तैनाती स्थलों से तुरंत मुक्त करने और उनके निर्धारित रेलवे बोर्डिंग स्टेशनों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है.
छत्तीसगढ़ से 30 कंपनियां भी रहेंगी तैयार
छत्तीसगढ़ सेक्टर की 30 नियमित कंपनियों को जल्द दिल्ली में कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात किए जाने की संभावना जताई गई. इनमें 12 कंपनियां बीजापुर से, सात-सात सुकमा और कोंटा से तथा दो-दो जगदलपुर और दंतेवाड़ा से ली जानी हैं.
यह तैनाती दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के अतिरिक्त होगी. इनमें सीआरपीएफ की दंगा नियंत्रण इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) भी शामिल है. 20 जुलाई को निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर RAF की भूमिका पर सवाल उठे थे. तैनाती के दौरान केंद्रीय बल संबंधित प्राधिकरण के नियंत्रण में काम करते हैं. इस मामले में यह जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की होगी.
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