दिल्ली में लगातार प्रदर्शन को लेकर गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है. दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तैनात बीस हजार अर्धसैनिक जवानों की तैनाती की समय सीमा चार हफ्ते और बढ़ाई गई.
इसके अलावा नए डेजिगनेटेड प्रोटेस्ट साइट्स (तीन जगह), उनकी सुरक्षा समीक्षा का काम पूरा कर लिया गया है. गृह मंत्रालय में संचालित कंट्रोल रूम को मिले रियल टाइम इनपुट के आधार पर ये निर्णय लिया गया है.
अगले एक महीने दिल्ली में रहेगी अर्धसैनिक बल की तैनाती
यह तैनाती एक महीने के लिए बढ़ाई गई है. इसका मतलब है कि दिवाली तक दिल्ली में अर्धसैनिक बलों की तैनाती रहेगी. प्रदर्शनों का दौर लंबा चल सकात है. ऐसे में भीड़ में होने वाली अनहोनी को टाला जा सकता है.
इसके अलावा जंतर-मंतर अब प्रोटेस्ट साइट नहीं रहेगी. इसको लेकर भी नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इसमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन स्थल के तौर पर चिन्हित किया गया है.
ये तीनों चिन्हित प्रोटेस्ट साइट दिल्ली में कहां है?
बुराड़ी नॉर्थ दिल्ली स्थित है, सीबीडी ग्राउंड पूर्वी दिल्ली में कड़कड़डूमा के पास स्थित है. वहीं, रामलीला मैदान ही ऐसी जगह है, जो बुरानी दिल्ली के बेहद करीब है.
इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक निकला मार्च
वहीं, इंडिया गठबंधन की तरफ से निकाले गए आज सुप्रीम कोर्ट के मार्च में बड़ी संख्या में लोग जुटे. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट भी राहुल की लीगल टीम पहुंची, जहां सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दाखिल हुई. राहुल गांधी की तरफ से दाखिल याचिका राहुल के अलावा 11 अन्य के नाम भी शामिल हैं. इस अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है. खुद सीजेआई ने याचिका को लिस्टेड करने के निर्देश दिए. सीजेआई सूर्यकांत की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेंगे.
इस मार्च में राहुल गांधी के अलावा, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, योगेंद्र यादव, केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए. विपक्ष एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार मोर्चाबंदी में जुटा हुआ है.
