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होर्मुज स्ट्रेट में 7 तेल टैंकर तबाह, ईरान की चेतावनी- ‘अगर…’


ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट में सात तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचने की खबर है. ईरान के सरकारी टेलीविजन ने गुरुवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के हवाले से बताया कि चार टैंकरों में तेल स्थानांतरित करने के दौरान निशाना बनाए जाने से आग लग गई, जबकि तीन अन्य नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त होकर चलने में असमर्थ हो गए. 

रॉयटर्स ने भी इस रिपोर्ट का उल्लेख किया है. इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान की संपत्तियों पर हमला हुआ तो युद्ध का समर्थन करने वाले देशों के आर्थिक ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है.

अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतावनी

ईरानी सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट में जहाजों के झंडे, संभावित हताहतों या नुकसान की अन्य परिस्थितियों के बारे में जानकारी नहीं दी गई. यदि सात जहाजों को नुकसान पहुंचने की खबर की पुष्टि होती है, तो 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से यह इस रणनीतिक जलमार्ग में एक दिन में जहाजों को नुकसान पहुंचने की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक होगी.

रिपोर्ट में IRGC ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के दूसरे हिस्सों से तेल टैंकरों की आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश करता है, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है. युद्ध के दौरान IRGC खाड़ी क्षेत्र के देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को लगातार निशाना बनाता रहा है.

ईरान ने युद्ध का समर्थन करने वाले देशों को चेताया

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने भी चेतावनी दी है कि यदि ईरान की संपत्तियों पर हमला किया गया तो युद्ध का समर्थन करने वाले देशों के आर्थिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है.

अमेरिकी मीडिया संस्थान ड्रॉप साइट को दिए साक्षात्कार में रेजाई ने कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका के साथ संघर्ष जारी रहता है, तो तेहरान के पास जवाब देने के साधन मौजूद हैं. अल जजीरा ने इस बयान की रिपोर्ट दी है.

रेजाई ने कहा, “ईरान के तेल ठिकानों, बंदरगाहों और जहाजरानी को वैध निशाना नहीं माना जा सकता, जबकि यह मान लिया जाए कि युद्ध का समर्थन करने वाले दूसरे पक्ष के आर्थिक बुनियादी ढांचे को हमेशा हमलों से सुरक्षित रखा जाएगा.”

शर्तें पूरी होने पर ही होर्मुज स्ट्रेट खोलने के संकेत

रेजाई ने कहा कि ईरान अब ऐसे समझौतों में दिलचस्पी नहीं रखता, जिनकी एकमात्र गारंटी राजनीतिक सद्भावना हो. उन्होंने दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने का फैसला उन शर्तों को लागू किए जाने पर निर्भर करेगा, जिनके बारे में ईरान ने अमेरिका को जानकारी दी है.

वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था पर की चर्चा 

उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने क्षेत्र के अन्य देशों के साथ एक वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की है. इस प्रस्ताव के तहत ऊर्जा प्रतिष्ठानों, जहाजरानी मार्गों और नागरिक बुनियादी ढांचे को एक-दूसरे के हमलों से सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा सकती है. इसका उद्देश्य क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन को संघर्ष का निशाना बनने से बचाना है.

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