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वर्क लाइफ बैलेंस के लिए क्या है 52/17 रूल, इससे कैसे बढ़ती है प्रोडक्टिविटी?


भागदौड़ भरी जिदंगी और ऑफिस के बढ़ते वर्कलोड के चक्कर में लोग लगातार कई-कई घंटे एक ही जगह बैठकर काम करते हैं. बिना ब्रेक लिए लगातार काम करना न सिर्फ आपकी कार्यक्षमता को घटाता है, बल्कि आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

इसी समस्या से निपटने और काम के साथ-साथ सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की मेंटल हेल्थ रिसर्चर डॉ. ओलिविया रेमेस ने एक खास फॉर्मूले की सिफारिश की है, जिसे 5217 रूल कहा जाता है. यह रूल आज की कॉर्पोरेट लाइफ में न केवल आपकी वर्किंग कैपेसिटी को बूस्ट करता है, बल्कि आपको मानसिक तनाव और बर्नआउट से भी दूर रखता है.

क्या है 52/17 रूल?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 52/17 रूल काम करने का एक बेहद वैज्ञानिक और आसान तरीका है. इस नियम के अनुसार, आपको अपने ऑफिस या पढ़ाई के काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना होता है. इसमें आपको 52 मिनट तक पूरे फोकस के साथ काम करना होता है और उसके तुरंत बाद 17 मिनट का एक छोटा सा ब्रेक लेना होता है.

आसान भाषा में कहें तो लगभग एक घंटे तक लगातार फोकस होकर काम करने के बाद 17 मिनट का रेस्ट करना ही इस फॉर्मूले का मूल मंत्र है. शोधकर्ताओं का मानना है कि लंबे समय तक बिना रुके काम करने की तुलना में इस तरह साइकल में काम करना सेहत के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है.

मानसिक सेहत और दिमाग के लिए कैसे है मददगार?

जब हम बिना ब्रेक लिए कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लगातार बैठे रहते हैं तो हमारा दिमाग थक जाता है और तनाव का स्तर बढ़ने लगता है. 52 मिनट के काम के बाद मिलने वाला 17 मिनट का यह ब्रेक आपके दिमाग को रिसेट करने का काम करता है. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव लोग अपने इस 17 मिनट के ब्रेक के दौरान टेक्नोलॉजी से पूरी तरह दूरी बना लेते है. वे न तो ईमेल का जवाब देते हैं और न ही अपना मोबाइल फोन चेक करते हैं. तकनीक से पूरी तरह कटकर खुद को आराम देने से दिमाग को पूरी तरह शांत होने का मौका मिलता है, जिससे घबराहट, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान जैसी समस्याएं जड़ से खत्म हो जाती हैं.

शारीरिक स्वास्थ्य को मिलते हैं बड़े लाभ

लगातार घंटों तक एक ही कुर्सी पर बैठे रहने रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कमर में दर्द की शिकायत आम हो जाती है. इसके साथ ही लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर भी भारी दबाव पड़ता है. जब आप 52/17 रूल को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो हर 52 मिनट बाद आपको अपनी सीट से उठने का मौका मिलता है. इस 17 मिनट के ब्रेक में आप थोड़ा टहल सकते हैं, हल्के स्ट्रेचिंग व्यायाम कर सकते हैं या पानी पीने के लिए उठ सकते हैं. ऐसा करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है और आंखों को भी जरूरी आराम मिलता है, जिससे आप शारीरिक रूप से हमेशा एक्टिव महसूस करते हैं.

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काम की क्वालिटी और फोकस में होता है भारी सुधार

इस रूल्स का एक बड़ा फायदा यह होता है कि जब आप काम पर वापस लौटते हैं तो आपका फोकस लेवल बहुत ज्यादा ऊंचा होता है. 17 मिनट का ब्रेक लेने से जब शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा हो जाते हैं, तो काम में गलतियां होने की गुंजाइश न के बराबर रह जाती है. यह फॉर्मूला आपको काम के प्रति आने वाले आलस और काम टालने की आदत से भी बचाता है. 

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