Headlines

अफीम की खेती के लिए कैसे मिलता है लाइसेंस, जान लें पूरा प्रोसेस?


Afeem Ki Kheti: भारत में अफीम की खेती कोई भी किसान अपनी मर्जी से नहीं कर सकता है. इसकी खेती करने के लिए किसानों को पहले सरकार से लाइसेंस लेना जरूरी होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि, ये लाइसेंस कैसे मिलता है और किन किसानों को दिया जाता है? 

दरअसल, केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए अफीम की खेती के नए नियम जारी कर दिए हैं. इस बार लाइसेंस पाने के लिए उत्पादन से जुड़ी कुछ शर्तें बदली गई हैं. साथ ही कुछ किसानों को राहत भी दी गई है. आइए समझते हैं कि नए नियम क्या हैं और किसान लाइसेंस के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं.

अफीम की खेती का लाइसेंस कौन देता है?

देश में अफीम की खेती की निगरानी केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो यानी सीबीएन करता है. यह वित्त मंत्रालय के तहत काम करता है. सरकार केवल तय किए गए इलाकों में ही अफीम की खेती की अनुमति देती है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में इसकी लाइसेंस वाली खेती होती है. लाइसेंस उन्हीं किसानों को मिलता है, जो सरकार की तय शर्तें पूरी करते हैं.

नए नियमों में क्या बदला?

केंद्र सरकार ने 24 अक्टूबर 2026 को नई अफीम नीति जारी की है. इसके मुताबिक, अफीम का दूध निकालने वाले किसानों के लिए लाइसेंस की शर्त बदली गई है. साल 2026-27 का लाइसेंस पाने के लिए संबंधित किसानों ने पिछले सीजन में प्रति हेक्टेयर कम से कम 4.4 किलो मॉर्फिन के बराबर उत्पादन सरकार को सौंपा होना चाहिए. पहले यह सीमा 4.2 किलो थी. वहीं, अगले साल यानी 2027-28 का लाइसेंस पाने के लिए इस सीजन में 5.9 किलो प्रति हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है.

यह भी पढ़ें: किसानों को 6 लाख तक लोन, ब्याज सिर्फ 6%! जानें कैसे मिलेगा फायदा

कितनी जमीन पर कर सकेंगे खेती?

नई नीति के तहत अफीम की खेती के लिए पात्र किसानों को अधिकतम 0.10 हेक्टेयर जमीन का लाइसेंस मिलेगा. वहीं, बिना चीरा लगाकर अफीम का दूध निकालकर डोडा उत्पादन करने वाले पात्र किसानों के लिए 0.05 हेक्टेयर की सीमा रखी गई है. जिन किसानों के पास अपनी जमीन कम है, वे नियमों के मुताबिक पट्टे की जमीन पर भी खेती कर सकते हैं.

पांच साल तक लाइसेंस की सुविधा

नई नीति में बिना चीरा लगाए डोडा उत्पादन करने वाले कुछ पात्र किसानों को पांच साल तक लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है. इससे उन्हें हर साल लाइसेंस बनवाने की परेशानी कम हो सकती है. हालांकि, सरकारी नियमों का पालन करना जरूरी होगा.

लाइसेंस के लिए कैसे करें आवेदन?

  • सबसे पहले किसान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट cbn.gov.in पर पात्र किसानों की सूची देखें.
  • सूची में नाम होने पर विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन करना होगा. 
  • इसमें जमीन और किसान से जुड़ी जरूरी जानकारी भरनी होगी.
  • इसके बाद विभाग दस्तावेज और पात्रता की जांच करेगा. 
  • सभी शर्तें पूरी होने पर संबंधित अधिकारी लाइसेंस जारी करेंगे. 

यह भी पढ़ें: धान खरीदी में बड़ा बदलाव! अब OTP नहीं, इस तरीके से होगी पहचान



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *