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महाराष्ट्र MLC चुनाव: हार से निराश BJP? कहा- ‘शिंदे गुट ने नहीं निभाया गठबंधन का धर्म’


महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. कुल 5 से केवल 2 सीटों पर ही सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति गठबंधन को जीत मिली है, जबकि महा विकास अघाड़ी (MVA) ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है.

एक तरफ MVA इस जीत से गदगद है तो दूसरी तरफ महायुति में नतीजों को लेकर खटपट देखने को मिल रही है. महाराष्ट्र MLC चुनाव के नतीजों से बीजेपी नाराज है. बीजेपी ने इस हार के लिए शिवसेना को ही जिम्मेदार बता दिया है. वहीं, शिंदे गुट ने कहा कि परिवार में नोकझोंक चलती रहती है. 

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नितेश राणे ने कहा- कटोगे तो बंटोगे 

MLC के नतीजों पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने कहा, “महायुति के तौर पर एक साथ लड़ना चाहिए था. एक साथ की ताकत से ही जीते थे ना विधानसभा चुनाव. एक हैं तो सेफ हैं, कटोगे तो बटोगे यह महायुति में भी लागू होता है. फेविकोल की तरह महायुति को जुड़े रहना होगा.”

नवनाथ का आरोप- शिवसेना ने गठबंधन का धर्म नहीं निभाया

वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने गठबंधन का धर्म नहीं निभाया इस कारण हार का सामना करना पड़ा है. नवनाथ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में  पुणे और नागपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर सहयोगी पार्टी शिवसेना ने उस तरह से सहयोग नहीं दिया जैसी की उम्मीद थी.’

नवनाथ ने आरोप लगाते हुए लिखा कि पुणे में, ऐन मौके पर निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सनाप को समर्थन देकर शिवसेना ने महायुति गठबंधन की एकजुटता को झटका दिया. छत्रपति संभाजी नगर में, अब्दुल सत्तार ने तो नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के खिलाफ सीधे प्रचार किया, जिसका खामियाजा गठबंधन को भुगतना पड़ा. 

नवनाथ ने आगे अपने पोस्ट में कहा कि अगर शिवसेना ने बीजेपी और शिंदे गुट के साथ सहयोग करके महायुति गठबंधन के सिद्धांतों का पालन किया होता, तो महायुति सभी पांचों सीटें जीत सकती थी, लेकिन पुणे में एक सीट पाने के लालच में शिवसेना ने अपने सहयोगी दलों को मुश्किल स्थिति में डाल दिया और तीन सीटें जीतने का मौका गंवा दिया.

आनंद दुबे ने किया पलटवार

शिवसेना (शिंदे) प्रवक्ता आनंद दुबे ने बीजपी के आरोपों पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि हम परिवार हैं और परिवार में नोक झोंक चलती रहती है. हम एक दूसरे के साथ मिलजुल कर आगे बढ़ रहे हैं.  4 राज्यों की  28 विधान परिषद सीटें थी, जिसमें से हमने 16 जीती हैं. इसके साथ ही दुबे ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा है और कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक में कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई है, इसलिए उन्हें आत्मचिंतन करने की सलाह दे डाली है.

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