दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को हुए इंडिया गठबंधन की रैली ने देश का राजनीतिक पारा एक बार फिर से चढ़ा दिया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा चीफ अखिलेश यादव, ममता बनर्जी समेत अन्य नेताओं के बयान ने साफ संकेत दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष पीछे हटने के मूड में नहीं. यानी कि अब ये लड़ाई और लंबी चलने वाली है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्थाएं अब सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रही हैं. राहुल गांधी ने तो सीईसी के साथ-साथ पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की बात कही.
कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह सामान्य बात नहीं बल्कि ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ कैटेगरी का मामला है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि ज्ञानेश कुमार को ‘वोट चोरी’ के आरोप में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और उन्हें जेल जाना ही होगा. राहुल गांधी कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अपने किए की सजा का सामना नहीं कर लेते, विपक्ष उन्हें कहीं जाने नहीं देगा. उन्होंन कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी.
देश की आत्मा पर हमला किया: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि देश को पटरी पर लाने के लिए पहला कदम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई करना है. उन्होंने कहा, ‘हिंदुस्तान नफरत का नहीं, मोहब्बत का देश है. हम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते, हमारी इनसे दुश्मनी नहीं है, लेकिन इन लोगों ने देश की आत्मा पर हमला किया है. हम यह बात बर्दाश्त नहीं कर सकते.’ उन्होंने वोट चोरी के खिलाफ अभियान को ‘शिव की बारात’ बताया और कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है.
सिस्टम को बेनकाब करके ही दम लेंगे: अखिलेश
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त को वोट चोरी की सबसे बड़ी कड़ी करार दिया. उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के उत्तर प्रदेश चुनावों में गड़बड़ी से लेकर अब तक विपक्षी कार्यकर्ताओं की ओर से एक-एक बूथ पर सबूत जुटाकर हलफनामा देने के बावजूद चुनाव आयोग गहरी नींद में सो रहा था. सपा चीफ ने ऐलान किया कि गठबंधन के लोग हार मानने वाले नहीं हैं. अखिलेश यादव ने दावा किया कि उन्होंने चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष की इस चोरी को पकड़ लिया है. रामलीला मैदान को लोकतंत्र की हल्दीघाटी बताते हुए उन्होंने संदेश दिया कि यूपी से शुरू हुई यह लड़ाई 2027 के विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगी और वे इस सिस्टम को बेनकाब करके ही दम लेंगे.
Gen-Z को एकजुट करने की तैयारी
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर बंगाल में धांधली करने का आरोप लगाते हुए बेहद आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सरकार ने मिलकर लोकतंत्र, संविधान, लोगों के अधिकारों को लूटा है और ज्ञानेश कुमार ने बंगाल में साजिश के तहत एक फीसदी वोट निकाल दिए. ममता बनर्जी ने कहा कि वह चुप नहीं बैठने वाली हैं. उन्होंने कहा, ‘हम छोड़ेंगे नहीं, हम जान दे देंगे, हम लड़ेंगे. हमारे बंगाल में लूट हुई, लेकिन अब दिल्ली में लूट नहीं होने देंगे.’ उन्होंने साफ किया कि वे इस हार का बदला राजनीति और लोकतंत्र के जरिए लेंगे और आने वाले समय में ‘सेव इंडिया, सेव डेमोक्रेसी’ के स्लोगन के साथ युवाओं और जेन-जी को एकजुट कर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी.
संसद, सड़क और कोर्ट पर घेराबंदी की तैयारी
रामलीला मैदान की रैली के बाद विपक्षी नेताओं के रुख से ये साफ हो गया है कि इंडिया गठबंधन कथित वोट चोरी के मुद्दे को लगातार गर्म रखने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम करने की प्लानिंग में जुटी है. आगामी संसदीय सत्रों के दौरान विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों के खिलाफ जोरदार हंगामा होने के आसार हैं. इस बात की भी पूरी संभावना है कि विपक्ष सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है.
