राजधानी दिल्ली में रविवार को विपक्षी गठबंधन INDIA की ‘चलो दिल्ली’ रैली के बीच लाल हिट जनता पार्टी ने भी राजघाट से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला. पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, करीब 200 लोगों ने ‘मोदी जी कहीं नहीं जा रहे ब्रो!’ के नारे के साथ इस मार्च में हिस्सा लिया.
यह मार्च मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान निकाला गया.
अयान भटनागर ने किया मार्च का नेतृत्व
लाल हिट जनता पार्टी के संस्थापक और संयोजक अयान भटनागर ने मार्च का नेतृत्व किया. इसमें शामिल लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. इन पोस्टरों के जरिए उन्होंने देश के विकास और संवैधानिक मूल्यों को लेकर पार्टी का पक्ष रखा.
राष्ट्र प्रथम और संवैधानिक मूल्यों का संदेश
पार्टी के बयान के मुताबिक, मार्च का उद्देश्य ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश देना, देश के विकास के एजेंडे के प्रति समर्थन जताना और संविधान व लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराना था.
पार्टी ने इसे कांग्रेस के खिलाफ अपने राजनीतिक विरोध के प्रदर्शन के रूप में भी पेश किया. बयान में कहा गया कि मार्च में शामिल लोगों ने प्रधानमंत्री और देश के विकास को लेकर बनाए जा रहे राजनीतिक विमर्श पर अपनी चिंता जताई.
राजघाट से शुरू होकर रामलीला मैदान में हुआ समाप्त
पार्टी के अनुसार, मार्च राजघाट से शुरू हुआ और रामलीला मैदान पहुंचकर समाप्त हुआ. इस दौरान पार्टी ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी, जनजागरूकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
सीजेपी को पहले भी दे चुकी है चुनौती
बता दें कि इससे पहले भी लाल हिट जनता पार्टी सीजेपी को चुनौती देते हुए उसे अराजक करार दे चुकी है. पिछले महीने इसके प्रमुख भटनागर पूर्व में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को बहस के लिए चुनौती भी दे चुके हैं. हालांकि भटनागर साफ कर चुके हैं कि यह पार्टी चुनाव लड़ने के लिए नहीं बल्कि सीजेपी जैसों का विरोध करने के लिए है, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना चाहती है.
फेस्टिव सीजन में कारोबार हो रहा प्रभावित
यही नहीं लाल हिट जनता पार्टी नाराजगी जताते हुए यह भी कर रही है कि फेस्टिव सीजन के दौरान कथित रूप से अराजकता फैलाने से व्यापारियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है. दशहरे से लेकर दीपावली तक का समय कारोबारियों के लिए सबसे जरूरी होता है. इस समय विरोध प्रदर्शनों से कामकाज ठप हो गया है.
यह भी पढ़िएः पंजाब में ईडी का 16 जगहों पर छापा, पूर्वी कैबिनेट मंत्री के घर पर भी पहुंची जांच टीम
