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एक थार और 24 रिश्तेदार! शो-रूम में मचे हंगामे पर भड़का कस्टमर


भारत में नई कार खरीदना सिर्फ एक सौदा नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए किसी बड़े त्यौहार की तरह होता है. पूजा-पाठ से लेकर मिठाई बांटने तक, लोग डिलीवरी के दिन को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते. लेकिन जरा सोचिए कि अगर एक ही गाड़ी की डिलीवरी के लिए 20-25 लोग एक साथ शो-रूम में घुस जाएं और पूरे स्टाफ को ही ‘बुक’ कर लें, तो वहां मौजूद दूसरे ग्राहकों का क्या होगा?

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक महिंद्रा थार खरीदार की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसने कार शो-रूम के इस ‘फैमिली ड्रामा’ और अव्यवस्था पर अपनी भड़ास निकाली है.

3 लोगों का परिवार करता रहा इंतजार, 24 लोग जमाए रहे कब्जा

एक्स और रेडिट पर अपनी आपबीती साझा करते हुए एक ग्राहक ने बताया कि वह अपने 3 लोगों के छोटे से परिवार के साथ अपनी सपनों की कार ‘महिंद्रा थार’ की डिलीवरी लेने शो-रूम पहुंचे थे. वे इस खास पल को लेकर बेहद उत्साहित थे, लेकिन वहां का नजारा देखकर उनका सारा मूड खराब हो गया.

उसी समय एक अन्य ग्राहक अपनी कार लेने आया था, लेकिन वह अकेला या 2-4 लोगों के साथ नहीं, बल्कि पूरे 24 रिश्तेदारों की बारात लेकर शो-रूम पहुंच गया था!

Mahindra should seriously consider limiting the number of people allowed during a vehicle delivery. 24 people for ONE car is excessive.
by u/Both-Suggestion-9151 in CarsIndia

“1 घंटे तक पूरा स्टाफ फोटो खिंचवाने में व्यस्त रहा, हमारी डिलीवरी ठप हो गई”

पीड़ित ग्राहक ने लिखा कि गाड़ी चाबी सौंपे जाने के बाद भी वह बड़ा सा ग्रुप लगभग एक घंटे तक शो-रूम पर कब्जा जमाए बैठा रहा.

“पूरा शो-रूम स्टाफ सिर्फ उसी एक परिवार की खातिरदारी में लगा था. कभी चाय-पानी, कभी उनके ग्रुप फोटोग्राफ्स, तो कभी उनकी मांगें पूरी की जा रही थीं. नतीजा यह हुआ कि हम जैसे बाकी ग्राहक, जो अपनी गाड़ियों की डिलीवरी का इंतजार कर रहे थे, किनारे लगा दिए गए. हमारा स्पेशल मोमेंट पूरी तरह बर्बाद हो गया.”

कस्टमर की कंपनी से मांग: ‘एक कार पर 4-5 लोगों की लिमिट तय हो!’

परेशान ग्राहक ने कंपनी को टैग करते हुए एक अहम सुझाव दिया है. उनका कहना है कि खुशियां मनाना गलत नहीं है, लेकिन दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना भी जरूरी है.

“महिंद्रा को शो-रूम में कार डिलीवरी के दौरान आने वाले मेहमानों की संख्या पर एक सीमा लागू करनी चाहिए. प्रति गाड़ी 4 से 5 लोगों की लिमिट (Limit) बिल्कुल जायज रहेगी.”

“अगर कोई ज्यादा लोगों को लाना चाहता है, तो उसके लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए ताकि बाकी ग्राहकों को इंतजार न करना पड़े.”

इंटरनेट पर छिड़ी बहस: ‘देसी टैलेंट’ या ‘सेंस की कमी’?

यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं…

“भाई बंदा बिल्कुल सही कह रहा है, भारत में लोग यह भूल जाते हैं कि शो-रूम एक पब्लिक बिजनेस स्पेस है, उनका मैरिज हॉल नहीं!”

“शो-रूम वालों की भी गलती है, उन्हें हर ग्राहक को बराबर अटेंशन देना चाहिए था, चाहे सामने 2 लोग हों या 20.”

“हमारे देश में नई कार का मतलब पूरा खानदान ही होता है, लेकिन दूसरों का वक्त बर्बाद करना गलत है.”



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