Aaj Ka Kark Rashifal 8 November 2026: ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के अनुसार, चंद्रमा आज पूरे दिन-रात आपकी राशि से चौथे भाव यानी चतुर्थ भाव (माता, सुख, आंतरिक शांति, संपत्ति, वाहन, प्रतिष्ठा व पद स्थान) में तुला राशि में संचरण कर रहे हैं. चतुर्थ भाव में चंद्रमा की प्रतिकूल स्थिति के चलते सरकारी क्षेत्र, प्रशासन या किसी उच्च पद की प्राप्ति के प्रयास अंतिम मोड़ पर आकर रुक सकते हैं; यानी उच्च पद मिलते-मिलते रह जाने की निराशा का सामना करना पड़ सकता है.
आज का पंचांग और ग्रह गोचर (Aaj Ka Panchang 8 November 2026)
- दिनांक: 8 नवंबर 2026, रविवार
- तिथि: कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि सुबह 11:28 बजे तक, तत्पश्चात अमावस्या तिथि (दीपावली महापर्व आरंभ)
- नक्षत्र: पूरे दिन-रात स्वाति नक्षत्र रहेगा
- शुभ योग: वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, बुधादित्य योग और आयुष्मान योग
- चंद्र गोचर: चंद्रमा पूरे दिन-रात तुला राशि (आपकी राशि से चौथे भाव) में संचरण करेंगे
- शुभ मुहूर्त (चौघड़िया):
- प्रातः काल: सुबह 10:15 से दोपहर 12:15 बजे तक (लाभ-अमृत का चौघड़िया)
- दोपहर काल: दोपहर 02:00 से 03:00 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)
- अशुभ समय (राहुकाल): शाम 04:30 से 06:00 बजे तक राहुकाल रहेगा (इस दौरान नवीन वित्तीय सौदे, बड़े निवेश या जोखिम भरे कार्य शुरू करने से बचें)
- शुभ यात्रा दिशा: पश्चिम दिशा
1. बिजनेस और फेस्टिव सीजन (Business & Partnership Issues)
शुरुआत में टारगेट पूरा करने के लिए ज्यादा मेहनत: बिजनेस की शुरुआत में सोचे हुए प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और फेस्टिव सीजन के तय टारगेट को हासिल करने के लिए आपको सामान्य से थोड़ा अधिक शारीरिक प्रयास और मानसिक पसीना बहाना पड़ सकता है.
आलस्य त्यागकर करें कड़ी मेहनत: ग्रह स्थिति पूरी तरह आपके अनुकूल न होने के कारण आपको हर प्रकार के आलस्य और टालमटोल की आदत को दूर भगाना होगा; कड़ी मेहनत ही आपको अपेक्षित परिणाम दिलाएगी.
फैमिली बिजनेस में हिस्सेदारी पर विवाद: पारिवारिक या पैतृक कारोबार (Family Business) से जुड़े जातकों के बीच संपत्ति, मुनाफे या हिस्सेदारी (Share) को लेकर आपसी मतभेद और तनातनी की सिचुएशन बन सकती है; मामले को बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें.
2. करियर और नौकरी (Career & Workplace Balance)
को-वर्कर्स संग तालमेल में अड़चन, प्रोजेक्ट डिले से तनाव: नौकरीपेशा जातकों (Employed Persons) को कार्यस्थल पर काम के दबाव और सहकर्मियों (Co-workers) के साथ सामंजस्य बैठाने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. वर्कस्पेस पर किसी जरूरी प्रोजेक्ट के अचानक डिले (लेट) हो जाने से आपका मन थोड़ा परेशान और खिन्न रह सकता है.
इच्छाशक्ति से दूर होंगी करियर की बाधाएं: करियर के मोर्चे पर कुछ छोटी-मोटी अड़चनें और चुनौतियां जरूर सामने आएंगी, लेकिन अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और पूर्व अनुभव के दम पर आप उन सभी रुकावटों पर सफलतापूर्वक काबू पा लेंगे.
3. लव, फैमिली, छात्र व स्वास्थ्य (Family, Love Alert & Health)
घर में अप्रिय बातों का सामना, जीवनसाथी पर न चिल्लाएं: पारिवारिक मोर्चे पर कुछ अप्रिय बातों और घरेलू समस्याओं से निपटना पड़ सकता है. जीवनसाथी (Spouse) पर बेवजह अपना गुस्सा न निकालें और न ही उन पर चिल्लाएं; शांति बनाए रखना ही रिश्ते को सुरक्षित रखेगा. युवाओं को सलाह है कि फिलहाल व्यर्थ के प्रेम प्रपंच में उलझने के बजाय अपने करियर और भविष्य को संवारने में पूरी ऊर्जा लगाएं.
लव लाइफ में थर्ड पर्सन की एंट्री का अंदेशा: प्रेम संबंधों (Love Life) में किसी तीसरे व्यक्ति (Third Person) का अनावश्यक हस्तक्षेप या एंट्री होने से गलतफहमियां और शक की स्थिति पैदा हो सकती है; आपसी संवाद से सच्चाई को परखें.
छात्रों को योग-प्राणायाम का सहारा: विद्यार्थी वर्ग (Students) अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए योग और प्राणायाम का सहारा लें; इससे एकाग्रता बढ़ेगी और आप बेहतर स्टडी करके अपने स्वर्णिम भविष्य की मजबूत नींव रख पाएंगे.
स्वास्थ्य का रखें ध्यान: चतुर्थ चंद्रमा के प्रभाव से सीने में भारीपन, मानसिक बेचैनी और तनाव रह सकता है. गरिष्ठ भोजन से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और वाहन चलाते समय पूरी सतर्कता बरतें.
लकी कलर: गोल्डन (सुनहरा)
लकी नंबर: 6
अनलकी नंबर: 9
रविवार व रूप चौदस/अमावस्या विशेष अचूक उपाय: आज चतुर्दशी और अमावस्या तिथि के पावन संयोग पर चतुर्थ भाव के चंद्रमा के दोषों को शांत करने और मां लक्ष्मी व सूर्य देव की कृपा पाने हेतु प्रातः काल तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल चंदन, अक्षत और गुड़ मिलाकर भगवान सूर्य को ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ बोलते हुए अर्घ्य दें. शिवलिंग पर शुद्ध जल में कच्चा गाय का दूध, थोड़ा सा गंगाजल, सफेद चंदन और मिश्री मिलाकर अभिषेक करें तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जप करें. सायंकाल के समय घर के मुख्य द्वार पर यमराज और पितरों के निमित्त दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक चौमुखा दीपक जलाएं तथा महालक्ष्मी के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाकर ‘कनकधारा स्तोत्र’ या ‘श्री सूक्त’ का पाठ करें. किसी जरूरतमंद को दूध, चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करें. इससे पारिवारिक मतभेद दूर होंगे, प्रोजेक्ट्स की रुकावटें समाप्त होंगी और मानसिक शांति प्राप्त होगी.
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