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Gujarat Civic Polls: गुजरात में निकाय चुनाव के लिए मतदान कल, 10 हजार कैंडिडेट मैदान में, दांव पर AAP, BJP, कांग्रेस की प्रतिष्ठा


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  • गुजरात में 5,000 से अधिक सीटों के लिए स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं.
  • भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच कड़ा मुकाबला, एआईएमआईएम भी मैदान में.
  • ओबीसी आरक्षण के नए मानदंडों के तहत चुनाव, मतदाता उम्मीदवारों को चुनेंगे.
  • चुनाव परिणाम 2027 के राज्य विधानसभा चुनावों का संकेत दे सकते हैं.

गुजरात में रविवार को होने वाले स्थानीय और नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा. वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) इन दलों के मुश्किलें खड़ी करने की उम्मीद कर रही है.

BJP के लिए चुनौती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य में लगभग तीन दशकों से जारी अपने राजनीतिक वर्चस्व को बरकरार रखना है.

मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे समाप्त होगा. आवश्यकता पड़ने पर अगले दिन पुनः मतदान होगा और मतों की गिनती 28 अप्रैल को होगी.

अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट सहित 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में कुल 9,992 स्थानीय प्रतिनिधि चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र हैं.

यह चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के लिए संशोधित मानदंडों के तहत हो रहे हैं, जिसके लिए कई जिलों में व्यापक परिसीमन और वार्ड के पुनर्गठन की आवश्यकता पड़ी.

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि चुनावी परिणाम राज्य में मतदाताओं की मनोदशा दर्शाएंगे, जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण संकेत होगा. चुनाव प्रचार में रैलियां, रोड शो और घर-घर जाकर लोगों से मिलना शामिल था.

चुनाव में सड़क की स्थिति और पेयजल आपूर्ति जैसे नागरिक मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए, वहीं नेताओं ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण जैसे व्यापक मुद्दों को भी उठाया.

आम आदमी पार्टी अपनी मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रही

गुजरात की राजनीति में परंपरागत रूप से BJP और कांग्रेस का दबदबा रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी अपनी मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रही है.

चुनाव प्रचार की शुरुआत में आम आदमी पार्टी (आप) अन्य पार्टियों से आगे रही. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुजरात भर में कई रैलियों को संबोधित किया.

आप के लिए यह पहली बार है कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी स्थानीय चुनाव में लगभग 5,000 सीट पर चुनाव लड़ रही है.

अन्य उम्मीदवारों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एआईएमआईएम और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं.

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अंतिम चरण में अहमदाबाद और भुज में जनसभाओं को संबोधित करते हुए प्रचार किया. BJP की ओर से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने व्यापक प्रचार किया.

प्रमुख उम्मीदवारों में गुजरात कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी एम एल निनामा, पूर्व रेडियो जॉकी आभा देसाई और आप के पूर्व विधायक भूपेंद्र भयानी शामिल हैं.

निनामा अरवल्ली जिला पंचायत चुनाव में शामलाजी तालुका की ओढ सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि भयानी को BJP ने जूनागढ़ जिला पंचायत की भेसान सीट से उम्मीदवार बनाया है.

देसाई को लोकप्रिय रूप से आरजे आभा के नाम से जाना जाता है. वह राजकोट नगर निगम के वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं.

मार्च 2021 में, BJP ने गुजरात के स्थानीय चुनाव में एक बार फिर शानदार जीत हासिल की थी. उसने विभिन्न नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीतकर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से काफी आगे निकल गई.

BJP ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था.

विशेष रूप से, नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आणंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर सहित नौ नवगठित नगर निगमों में भी पहली बार चुनाव होंगे.

कौन कहां डालेगा वोट?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित वरिष्ठ BJP नेता रविवार को अपना वोट डालेंगे. शाह सुबह 11 बजे अहमदाबाद के नारनपुरा उप-क्षेत्रीय कार्यालय में मतदान करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल शिलाज प्राथमिक विद्यालय में अपना वोट डालेंगे.

प्रदेश BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी क्रमशः अहमदाबाद और सूरत के मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

मतदान से पहले, पटेल ने मतदाताओं से ‘100 प्रतिशत मतदान’ सुनिश्चित करने की अपील करते हुए चुनाव को ‘लोकतंत्र का पवित्र उत्सव’ बताया.

इस बीच, चुनाव के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें सीसीटीवी निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष दस्तों की तैनाती शामिल है.

पुलिस महानिदेशक के एल एन राव ने कहा कि सुरक्षा लगभग 29,000 मतदान भवनों और 49,000 से अधिक मतदान केंद्रों को कवर करती है. मानक संचालन प्रक्रियाओं के आधार पर बूथ को संवेदनशील, अति संवेदनशील और सामान्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है.



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