Headlines

Bihar Weather: बिहार में बदला मौसम, 18 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई जगह ओलावृष्टि की चेतावनी


बिहार में इन दिनों मौसम बदला बदलता है कहीं तेज धूप तो कहीं अधिक बारिश की स्थिति बनी हुई है. आज सोमवार को भी उत्तर बिहार के 18 जिलों में तेज हवा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घण्टा की रफ्तार  चलने के साथ मध्य अस्तर की वर्षा मेघ गर्जन,बिजली चमकने और वज्रपात  का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें तीन जिले अररिया, मधुबनी और सुपौल में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है. जबकि किशनगंज में आज  तेज हवा के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है और यहां के लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है.

इन चार जिलों  के अलावा अन्य जिस 14 जिलों में  तेज हवा और वर्षा का ऑरेज अलर्ट जारी किया गया है उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण ,सिवान, गोपालगंज, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, मधेपुरा, सहरसा, कटिहार और पूर्णिया जिला शामिल है.

यह भी पढ़ें: Bhagalpur Bridge Collapse: भागलपुर में भरभरा कर गिरा विक्रमशिला पुल का स्लैब, गंगा में समाया पिलर, आवाजाही बंद

दक्षिण बिहार में रहेगा गर्मी का असर

दक्षिण बिहार के20 जिलों में भी तापमान में विशेष बढ़ोतरी के आसार नहीं है .कहीं-कहीं हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है तो कहि बादल बने रह सकते हैं, जिससे तापमान में गिरावट रहने का पूर्वानुमान है. पटना में भी तापमान में बढ़ोतरी के आसार नहीं है एक से दो डिग्री तापमान में उतार चढ़ाव रह सकते हैं. अधिकांश जिलों में बूंदा बूंदी बरसा की संभावना बनी हुई है. दक्षिण बिहार के सभी जिलों में वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार आगामी 8 मई तक उत्तर बिहार में व तेज हवा और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है. लेकिन दक्षिण बिहार में कल 5 मई से ही कोई चेतावनी नहीं दी गई है. मौसम सूखा रहने  के साथ तापमान में वृद्धि का पूर्वानुमान है.

पश्चिमी विक्षोभ से बदल रहा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवा और पश्चिम विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रही हवाएं अभी प्रभावी हैं. आठ-नौ दिन पहले तक पटना सहित राज्य के अधिकांश जिलों में पछुआ हवा का असर था. हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश और बिहार के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई.

दस दिनों में पटना के अधिकतम तापमान में करीब 11 डिग्री तक की कमी आई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन-चार दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी. अधिकतम तापमान में दो-तीन डिग्री तक उतार-चढ़ाव संभव है. 

रविवार को छाए रहे बादल

बीते रविवार को पटना सहित आसपास इलाकों में सुबह के समय काले बादल छाए रहने एवं ठंडी हवा के कारण मौसम सामान्य बना रहा. मोतिहारी, बेतिया, बेगूसराय, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, छपरा आदि जिलों में आंधी-पानी के साथ वर्षा से लोगों को गर्मी से राहत मिली है.

मोतिहारी में 7.0 मिमी, मधेपुरा में 0.5 मिमी, समस्तीपुर के पूसा में 6.0 मिमी, वैशाली में 4.0 मिमी, सिवान के जीरादेई में 7.5 मिमी, मुंगेर में 1.0 मिमी , पश्चिम चंपारण के योगपट्टी में 8.4 मिमी, औरंगाबाद के ओबरा में 1.2 मिमी, फारबिसगंज में 1.0 मिमी, गयाजी के इमामगंज में 1.0 मिमी, भभुआ के चैनपुर में 0.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई. यह आंकड़ा  शनिवार के 12 बजे दिन से रविवार के 12 बजे दिन का है. इस बीते 24 घंटों के दौरान अलग-अलग  जिलो में वर्षा दर्ज की गई.

कई जिलों में तापमान गिरा

वहीं, मौसम में बदलाव आने के साथ पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई. रविवार को पटना का अधिकतम तापमान  2.6 डिग्री की गिरावट के साथ 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया. रविवार को मधुबनी, शेखपुरा, सबौर, सुपौल और पूर्णिया को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई.

यह भी पढ़ें: ‘कांग्रेस का चीन प्रेम एक बार फिर उजागर’, CM सम्राट चौधरी का विरोधी पार्टी पर हमला, डोकलाम का भी जिक्र



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *