Headlines

Numerology: सत्ता, सिनेमा और शास्त्र: इन 3 दिग्गजों की जन्मतिथि में छिपा है उनकी सफलता का राज


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • हिमंता बिस्वा सरमा के मूलांक-भाग्यांक 1, सूर्य की तरह नेतृत्व क्षमता देते हैं।
  • विजय थलपति का मूलांक 4, राहु के प्रभाव से राजनीति में अचानक प्रवेश।
  • शशि थरूर का मूलांक 9 (मंगल), भाग्यांक 6 (शुक्र) साहस-आकर्षण देते हैं।
  • जन्म की तारीखें व्यक्ति के व्यक्तित्व, संघर्ष और सफलता को दर्शाती हैं।

Numerology: अंक ज्योतिष (Numerology) केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह हमारे मूलांक और भाग्यांक के माध्यम से व्यक्तित्व का दर्पण है. यह शास्त्र व्यक्ति के स्वभाव, संघर्ष और सफलता की कहानी बयां करता है.

आज जब भारत के बड़े राज्यों में चुनावी हलचल तेज है, आइए सत्ता, सिनेमा और शास्त्र के क्षेत्र की तीन दिग्गज हस्तियों हिमंता बिस्वा सरमा, विजय थलपति और शशि थरूर की जन्मतिथि के जरिए उनके करियर और ग्रहों की चाल का विश्लेषण करते हैं.

1. मूलांक 1 का नेतृत्व: हिमंता बिस्वा सरमा (सत्ता का सूर्य)

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को हुआ था. अंक ज्योतिष के अनुसार, उनका मूलांक और भाग्यांक दोनों ही 1 हैं, जिसका स्वामी ‘सूर्य’ है.

  • जन्मजात नेता: मूलांक 1 वाले व्यक्ति जन्मजात नेतृत्व क्षमता के धनी होते हैं. यही कारण है कि वे 2001 से लगातार पांच बार विधायक (MLA) बन चुके हैं.
  • सूर्य और चंद्रमा का संगम: जहां सूर्य उन्हें महत्वाकांक्षी और दृढ़ निश्चयी बनाता है, वहीं फरवरी में जन्म होने के कारण चंद्रमा उन्हें कूटनीति और संवेदनशीलता प्रदान करता है.
  • विशेषता: यह योग इतना शक्तिशाली है कि ऐसे लोग किसी के अधीन रहकर काम करना पसंद नहीं करते. उनका मजबूत सूर्य कठिन समय में भी स्वयं रास्ता बनाने की शक्ति देता है.

2. मूलांक 4 और राहु का प्रभाव: विजय थलपति (सिनेमा से सियासत तक)

दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार और अब राजनीति में कदम रख चुके विजय थलपति का जन्म 22 जून 1974 को हुआ था. उनका मूलांक और भाग्यांक 4 है, जिसका स्वामी ‘राहु’ माना जाता है.

  • अचानक बदलाव के संकेत: मूलांक 4 वाले व्यक्तियों के जीवन में अचानक बड़े परिवर्तन आते हैं. एक अभिनेता से राजनेता बनने का सफर इसी ‘राहु’ के प्रभाव को दर्शाता है.
  • ग्लैमर और अनुशासन: जून (अंक 6 – शुक्र) में जन्म लेने के कारण उन्हें ग्लैमर और आकर्षण मिला है, जिससे वे करोड़ों दिलों पर राज करते हैं. वहीं, 22 तारीख (2+2=4) उनके भीतर काम के प्रति अटूट जुनून और अनुशासन पैदा करती है.
  • सफलता का मंत्र: राहु का प्रभाव उन्हें लीक से हटकर सोचने और धीरे-धीरे ही सही, लेकिन ठोस सफलता हासिल करने में मदद करता है.

3. मंगल और शुक्र की युति: शशि थरूर (ज्ञान और कूटनीति के धनी)

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी शशि थरूर का जन्म 9 मार्च 1956 को हुआ था. उनका मूलांक 9 (मंगल) और भाग्यांक 6 (शुक्र) है.

  • साहस और आकर्षण: मूलांक 9 उन्हें मंगल की ऊर्जा और साहस देता है, जबकि भाग्यांक 6 उन्हें एक लोकप्रिय और कूटनीतिक व्यक्तित्व प्रदान करता है.
  • बृहस्पति का ज्ञान: मार्च (अंक 3) में जन्म होने के कारण उनके जीवन में देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव है, जो उन्हें ज्ञान और पूर्णता (Perfection) की ओर ले जाता है.
  • वैश्विक पहचान: मंगल का साहस और शुक्र की लोकप्रियता का मेल ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक रहा है.

अंकों में छिपा है भविष्य का रहस्य

इन तीनों हस्तियों के जीवन से यह स्पष्ट होता है कि यदि व्यक्ति अपनी जन्मतिथि, मूलांक और भाग्यांक की ऊर्जा को सही दिशा में लगाए, तो सफलता अवश्य मिलती है. अंक ज्योतिष जीवन के संघर्षों का संकेत तो देता है, लेकिन ग्रहों की सही समझ और कर्म के मेल से व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर सकता है.

Tamil Nadu Election 2026: क्या 52 साल बाद दोहराया जा रहा है इतिहास? जानें थलापति की कुंडली के वो 3 राज जिसने हिला दी तमिलनाडु की सत्ता!

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *