एबीपी नेटवर्क एक बार फिर देश की युवा शक्ति को दिशा देने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने के लिए अपने खास कार्यक्रम ‘India @ 2047 Conclave के साथ तैयार है. राजधानी दिल्ली में 3 जून 2026 को आयोजित होने वाले इस कॉन्क्लेव में अर्थशास्त्र, उद्योग, सिनेमा और नौकरशाही जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होकर देश के भविष्य की दिशा तय करने वाले अलग-अलग विषयों पर मंथन करेगी.
इस बार इस कॉन्क्लेव का मुख्य विषय (Theme) ‘बिल्डिंग भारत @ 2047’ (Building Bharat @2047) रखा गया है, जिसके तहत भारत की आजादी के 100वें वर्ष यानी 2047 तक देश को एक महाशक्ति बनाने के रोडमैप और विभिन्न चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी. शुरुआती सत्रों में देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने और महानगरों के विकास को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. इस दौरान योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े अपने विचार रखेंगी.
बुनियादी ढांचा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश की पहली ऑल-वूमेन अंडरग्राउंड माइन रेस्क्यू टीम की नेहा सोलंकी और पहली महिला ट्रक ड्राइवरों में शामिल योगिता रघुवंशी हिस्सा लेंगी. दोपहर के सत्र में देश की आर्थिक स्थिति और तकनीकी बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
अर्थशास्त्री सुरजीत सिंह भल्ला वैश्विक आर्थिक संकटों और सरकार के कदमों पर बात करेंगे. वहीं पीक XV पार्टनर्स के संस्थापक राजन आनंदन भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI for India) के भविष्य की रूपरेखा रखेंगे. नीति आयोग की डिस्टिंग्विश्ड फेलो देबजानी घोष भी भविष्य के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अपनी बात रखेंगी. कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के भी शामिल होने की संभावना है.
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी भी होगी. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल बुनियादी जरूरतों पर, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू विमानन क्षेत्र के विकास पर, सर्बानंद सोनोवाल भारत की समुद्री और परिवहन लाइफलाइन को मजबूत करने पर अपनी बात रखेंगे.
राजनीति और नीति के अलावा कॉन्क्लेव में मनोरंजन और संस्कृति के दिग्गज भी नजर आएंगे. बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल और निर्माता निखिल द्विवेदी के शामिल होने की उम्मीद है. मशहूर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भारत की सदियों पुरानी ‘कहानी संस्कृति’ के अतीत और भविष्य पर बात करेंगे.
