आज के समय में सिर्फ डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि नई टेक्नोलॉजी सीखना भी जरूरी हो गया है. स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखना करियर में मददगार साबित हो सकता है. एआई की मदद से कंटेंट लिखने, जानकारी जुटाने, डेटा समझने और कई काम कम समय में करने की स्किल सीखी जा सकती है. अच्छी बात यह है कि कुछ बड़े संस्थान ऑनलाइन एआई कोर्स भी उपलब्ध करा रहे हैं. अगर आप भी पढ़ाई के साथ नई स्किल सीखना चाहते हैं, तो इन 3 कोर्स के बारे में जानें.
गूगल एआई एसेंशियल्स
अगर आपने अभी तक एआई सीखना शुरू नहीं किया है, तो गूगल एआई एसेंशियल्स आपके लिए अच्छा विकल्प है. इस कोर्स में बताया जाता है कि एआई टूल्स का इस्तेमाल पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों में कैसे किया जाता है. इसमें सही प्रॉम्प्ट लिखना, नए आइडिया तैयार करना और कंटेंट बनाने में एआई की मदद लेना सिखाया जाता है. इस कोर्स को शुरू करने के लिए पहले से किसी टेक्निकल जानकारी की जरूरत नहीं है. इसे अपनी सुविधा के हिसाब से ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं. कोर्स पूरा करने पर सर्टिफिकेट भी मिलता है.
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माइक्रोसॉफ्ट लर्न एआई
माइक्रोसॉफ्ट लर्न का यह कोर्स उन स्टूडेंट्स के लिए उपयोगी है, जो एआई की बुनियादी जानकारी हासिल करना चाहते हैं. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े जरूरी शब्दों, एआई टूल्स को निर्देश देने के सही तरीके और उनके इस्तेमाल के बारे में बताया जाता है.इस कोर्स की खास बात यह है कि इसे पूरा करने में करीब 50 मिनट लगते हैं. इसे शुरू करने के लिए पहले से किसी खास तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं है. ऐसे में कम समय में एआई के बारे में सीखने की शुरुआत की जा सकती है.
गूगल इंट्रोडक्शन टू जेनरेटिव एआई
अगर आप जानना चाहते हैं कि चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे एआई टूल्स कैसे काम करते हैं, तो गूगल का इंट्रोडक्शन टू जेनरेटिव एआई कोर्स देख सकते हैं. इसमें जेनरेटिव एआई की बुनियादी जानकारी दी जाती है. यह टेक्नोलॉजी टेक्स्ट, तस्वीरों और दूसरे तरह के कंटेंट को तैयार करने में मदद करती है. यह शुरुआती स्तर का कोर्स है और इसे मुफ्त में किया जा सकता है. इसके जरिए स्टूडेंट्स समझ सकते हैं कि जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल कहां और कैसे किया जाता है. कोर्स के बाद क्विज के जरिए गूगल क्लाउड का क्रेडेंशियल हासिल करने का विकल्प भी उपलब्ध है.
ध्यान रखें कि केवल सर्टिफिकेट हासिल करना नौकरी की गारंटी नहीं है. कोर्स में सीखी गई चीजों का अभ्यास करें और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट बनाएं. इससे आपको अपनी स्किल समझने और उसे दूसरों के सामने दिखाने में मदद मिलेगी.
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