AIR Marshal Ashutosh Dixit: भारतीय वायुसेना में आज एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे. वह एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (ए.पी. सिंह) की जगह लेंगे, जो 25 महीने के सफल कार्यकाल के बाद आज रिटायर्ड हो रहे हैं. आज ही ए.पी. सिंह को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदाई दी जाएगी.
राष्ट्रपति और भारत सरकार की ओर से 6 अक्टूबर 2026 को घोषित इस नियुक्ति के तहत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित एयर चीफ मार्शल के पद पर 31 दिसंबर 2028 तक रहेंगे. वह अपने बैच के इकलौते अधिकारी है, जो वायु सेना के इस सबसे बड़े पद तक पहुंचे हैं.
कैसा रहा आशुतोष दीक्षित का करियर?
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना में स्वदेशी रक्षा तकनीक और मेक इन इंडिया पहलों को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है. उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान तेजस सहित कई स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 9 दिसंबर 1966 को जन्मे आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था. वह राष्ट्रीय रक्षा एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ सिलेक्ट कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं. एक क्वालीफाइंग फ्लाइट इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के रूप में उनके नाम 3500 घंटे से ज्यादा की उड़ान का एक्सपीरियंस दर्ज है. उन्होंने मिराज 2000, मिग के अलग-अलग वेरिएंट्स, जगुआर, किरन, हॉक और स्वदेशी तेजस सहित 20 से ज्यादा प्रकार के विमान उड़ाए. वहीं अपने 38 साल से ज्यादा के करियर में उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे प्रमुख अभियानों में भाग लिया.
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित की उपलब्धियां
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अपने करियर में पश्चिमी सेक्टर में एक अग्रिम लड़ाकू एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली. उन्होंने मिराज 2000 लैस नंबर 9 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, दक्षिणी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर और वायु मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) व असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (प्लांस) जैसे शीर्ष पदों पर काम किया. 1 जुलाई 2026 को वॉइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ बनने से पहले वे चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ और सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ भी रहे. आशुतोष दीक्षित को 2006 में वायु सेना मेडल मिला. इसके बाद 2011 में उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल मिला. 2023 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल मिला और 2026 में उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा गया.
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वायु सेना प्रमुख को कितनी मिलेगी सैलरी?
वायु सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करने के साथ ही एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के वेतन और भत्तों में भी इजाफा होगा. उन्हें सातवें वेतन आयोग के पे लेवल 18 के तहत वायुसेना प्रमुख का मूल वेतन 2,25,000 रुपये प्रतिमाह होता है. वहीं इसके साथ ही सैन्य अधिकारियों को नियमानुसार 15,000 रुपये प्रति माह का मिलिट्री सर्विस पे मिलता है. बेसिक पे के अलावा सरकार की ओर से लागू महंगाई भत्ता और दूसरे पद से जुड़े भत्ते भी दिए जाते हैं.
वायु सेना प्रमुख को मिलने वाली सुविधाएं
वायु सेना प्रमुख को नई दिल्ली में एक सरकारी आवास बांग्ला मिलता है. साथ ही बुलेट प्रूफ सरकारी गाड़ी, 24 घंटे सुरक्षा, ड्राइवर, हाउस हेल्पर और स्वयं व परिवार के लिए असीमित मुफ्त मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है. सेवा समाप्त होने के बाद सेना प्रमुख को नियमों के अनुसार पेंशन भी मिलती है.
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