बंगाल में फर्स्ट फेज की 152 सीटों पर बुधवार को प्रचार थम गया. अब 23 अप्रैल को पहले चरण में इन 152 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी के साथ 23 अप्रैल को एक ही चरण में चमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह तैयार है.
राज्यपाल ने निष्पक्ष और भयमुक्त विधानसभा चुनाव के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य में होने वाले आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त बनाने के लिए 24×7 नागरिक हेल्पलाइन शुरू की गई है. राज्यपाल कार्यालय की ओर से मंगलवार की शाम को जारी बयान में कहा गया कि पिछले कुछ दिनों में राज्यपाल ने आम जनता से कई मुलाकातें कीं, जिसमें लोगों ने चुनाव से पहले और बाद में होने वाली हिंसा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की.
बयान में कहा गया कि कई लोगों ने अपने पुराने अनुभव साझा किए, जिनमें चुनाव के दौरान हिंसा, परिवार के सदस्यों की हत्या और मतदान से रोके जाने जैसी घटनाएं शामिल थीं. कुछ लोगों ने बताया कि डराने-धमकाने के बावजूद वोट डालने पर उन्हें शारीरिक हमले का सामना करना पड़ा.
बयान के अनुसार, राज्य प्रशासन और पुलिस ने चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, फिर भी लोगों की मदद के लिए राजभवन ने 24×7 हेल्पलाइन शुरू की है. इस पहल का उद्देश्य है कि हर मतदाता बिना किसी डर के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सके.
हेल्पलाइन शिकायतें प्राप्त करेगी, उनका जल्द समाधान कराने की कोशिश करेगी और लोगों को सही संस्थागत सहायता तक पहुंचाने में मदद करेगी. सभी शिकायतों को पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ देखा जाएगा. राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और मतदान जरूर करें. हर वोट महत्वपूर्ण है.
चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारियों को ईवीएम के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सभी मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के इस्तेमाल में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. आयोग के सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि पीठासीन अधिकारियों को यह जांच और पुष्टि अवश्य करनी चाहिए कि बैलेट यूनिट पर उम्मीदवारों के सभी बटन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और उनमें कोई रुकावट नहीं है. किसी भी बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री से नहीं ढका जाना चाहिए, जिससे मतदान प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती हो. आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि बैलेट यूनिट के कैंडिडेट बटन पर कोई रंग, स्याही, परफ्यूम या कोई भी केमिकल नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि ऐसी हरकतों से वोटों की सीक्रेसी से समझौता हो सकता है.
बंगाल में ‘गजवा-ए-बंगाल’ नहीं होने देंगे- अनुराग ठाकुर
पश्चिम बंगाल के हुगली में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राज्य की मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हम ‘गजवा-ए-बंगाल’ नहीं होने देंगे। बाहर से आए लोग स्थानीय लोगों का अनाज भी खा गए हैं.
अनुराग ठाकुर ने कहा कि बंगाल के नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद शुरू हुआ. देश के 126 जिलों में नक्सलवाद फैला। दस प्रतिशत आबादी को दबाकर रखा गया. देश में मोदी की सरकार आने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई हुई और देश को नक्सलवाद मुक्त बनाया गया. अगर हम देश को नक्सलवाद से मुक्त कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल को बांग्लादेशी घुसपैठियों से भी मुक्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी 15 साल से मुख्यमंत्री हैं, लेकिन 5 उपलब्धियां भी नहीं गिना पा रही हैं. सुबह से शाम तक बस एसआईआर-एसआईआर कर रही थीं और अब हर बात पर मछली की बात कर रही हैं. जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां खाने-पीने और पहनावे को लेकर कोई रोकटोक नहीं है. सभी आजादी से रहते हैं. पश्चिम बंगाल में भी अगर हमारी सरकार बनेगी तो सभी को उसी तरह आजादी होगी.
‘चार मई, ममता गई’ के नारे लगवाते हुए अनुराग ठाकुर ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी नहीं गईं तो रोहिंग्या मुसलमान भी आएंगे, घुसपैठिए भी आएंगे, आपके मिड डे मील का पैसा भी खाएंगे, कट मनी से पैसा भी खाएंगे और आपके अधिकार व नौकरी भी छीन लेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हम गजवा-ए-बंगाल नहीं बनने देंगे.
