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Himachl: विश्राम गृहों में VIP की मौज, जनता पर बोझ, हिमाचल में किराया 1200 रुपये से बढ़कर हुआ 4000


हिमाचल प्रदेश सरकार ने आम जनता और पर्यटकों की जेब पर एक और बड़ा आर्थिक बोझ डाल दिया है. सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सरकारी विश्राम गृहों (रेस्ट हाउस) और सर्किट हाउस के कमरों के किराए में भारी बढ़ोतरी की है.

अब आम लोगों को ठहरने के लिए 1200 रुपये की जगह 4000 रुपये तक चुकाने होंगे. वहीं, हैरान करने वाली बात यह है कि माननीयों (नेताओं) और उच्चाधिकारियों की जेब पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, उनके लिए किराया पहले की तरह मात्र 1200 रुपये ही रहेगा.

आम और खास में बड़ा अंतर: 233% की भारी वृद्धि

सरकार के इस फैसले से किराए में सीधे तौर पर लगभग 233 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इसका सबसे ज्यादा असर उन आम नागरिकों पर पड़ेगा जो इलाज, जरूरी सरकारी काम या प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलसिले में राजधानी शिमला, चंडीगढ़ या दिल्ली जाकर इन सरकारी भवनों में ठहरते थे. आलोचकों का कहना है कि यह फैसला ‘आम और खास’ के बीच एक बड़ी खाई पैदा करता है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के भीतर भी सरकारी सर्किट हाउस और रेस्ट हाउस का किराया 2 से 3 गुना तक बढ़ा दिया गया है.

20% कमरे कमर्शियल उपयोग के लिए रिजर्व

GAD के नए आदेशों के अनुसार, नई दिल्ली स्थित हिमाचल भवन व हिमाचल सदन, चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन और शिमला के विल्लीज पार्क (Willys Park) सर्किट हाउस के कुल कमरों में से 20 प्रतिशत को अब ‘कमर्शियल यूज’ के लिए रिजर्व कर दिया गया है. इन्हीं कमरों के किराए में यह भारी बढ़ोतरी की गई है ताकि सरकारी खजाने का राजस्व बढ़ाया जा सके.

बुकिंग होगी पूरी तरह ऑनलाइन, ‘प्रॉक्सी एंट्री’ पर रोक

किराया बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने बुकिंग के नियमों को भी सख्त कर दिया है. अब कमरों की बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी. नए नियमों के मुताबिक, जिस व्यक्ति के नाम पर कमरा बुक होगा, केवल उसी को ठहरने की अनुमति मिलेगी. किसी अन्य व्यक्ति (प्रॉक्सी एंट्री) के ठहरने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और संबंधित अधिकारियों व प्रबंधकों को इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.

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