How To Protect Wooden Door From Bathroom Water: बाथरूम का दरवाजा नीचे से फूलना एक आम समस्या है. खासकर उन घरों में जहां बाथरूम में लगातार पानी के छींटे पड़ते हैं और नमी लंबे समय तक बनी रहती है. शुरुआत में दरवाजे के निचले हिस्से का रंग उखड़ने लगता है, किनारे फूल जाते हैं या सतह पर परत निकलने लगती है. धीरे-धीरे दरवाजा बंद करने में परेशानी हो सकती है और फंगस भी लग सकता है. अगर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो दरवाजे को ज्यादा खराब होने से बचाया जा सकता है.
आखिर नीचे से ही क्यों फूलता है दरवाजा?
बाथरूम में नहाने के दौरान पानी अक्सर दरवाजे के निचले हिस्से तक पहुंच जाता है. अगर दरवाजा लकड़ी, प्लाई या पार्टिकल बोर्ड का है और उसका निचला किनारा अच्छी तरह सील नहीं है, तो पानी अंदर तक पहुंच सकता है. नमी सोखने के बाद सामग्री फैलने लगती है और दरवाजा नीचे से फूल जाता है.
सिर्फ पानी के छींटे ही इसकी वजह नहीं हैं. बाथरूम में वेंटिलेशन की कमी होने पर भाप और नमी लंबे समय तक अंदर फंसी रहती है. ऐसे में दरवाजे की सतह लगातार नमी के संपर्क में रहती है. खराब क्वालिटी की पॉलिश, पेंट या लैमिनेट भी जल्दी उखड़ सकता है.
सबसे पहले पानी को दरवाजे तक पहुंचने से रोकें
अगर दरवाजे का निचला हिस्सा बार-बार गीला होता है, तो सबसे पहले इस समस्या को रोकना जरूरी है. नहाने के बाद फर्श पर जमा पानी को साफ करें और कोशिश करें कि पानी दरवाजे तक न पहुंचे. शॉवर एरिया और दरवाजे के बीच पानी रोकने के लिए अलग ड्राई एरिया या पार्टिशन भी मददगार हो सकता है. अगर दरवाजे के नीचे का हिस्सा पहले से थोड़ा फूल चुका है, तो उसे लगातार गीला होने से बचाएं. ज्यादा पानी पड़ने पर समस्या तेजी से बढ़ सकती है.
नीचे वाले किनारे को अच्छी तरह सील करें
बाथरूम के दरवाजे का सबसे कमजोर हिस्सा उसका निचला किनारा होता है. यहां पेंट या लैमिनेट की परत खराब होने के बाद पानी आसानी से अंदर पहुंच सकता है. इसलिए नीचे के किनारे को वाटर-रेसिस्टेंट सीलेंट से सुरक्षित करना जरूरी है. PVC एज बैंडिंग या अच्छी क्वालिटी के PU अथवा सिलिकॉन सीलेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे नमी को दरवाजे के अंदर जाने से रोकने में मदद मिलती है. फ्रेम और दरवाजे के आसपास जहां छोटे गैप दिखाई दें, उन्हें भी सील करना चाहिए, क्योंकि इन्हीं जगहों से पानी धीरे-धीरे अंदर पहुंच सकता है.
सही फिनिश भी है जरूरी
कई बार दरवाजा इसलिए जल्दी खराब होता है क्योंकि उसकी बाहरी सतह नमी झेलने के लिए तैयार नहीं होती. बाथरूम के लिए इस्तेमाल होने वाले दरवाजे पर अच्छी क्वालिटी की वाटर-रेसिस्टेंट फिनिश होनी चाहिए. अगर पेंट या लैमिनेट पहले से उखड़ रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें.

छोटी सी परत निकलने के बाद नमी अंदर पहुंच सकती है और दरवाजे का अंदरूनी हिस्सा खराब होने लगता है. समय रहते खराब हिस्से को ठीक कराने और दोबारा सुरक्षात्मक कोटिंग कराने से दरवाजे की उम्र बढ़ सकती है.
बाथरूम में वेंटिलेशन जरूर रखें
बाथरूम में लगातार नमी रहने से सिर्फ दरवाजा ही नहीं, बल्कि दीवारों और अन्य लकड़ी के सामान पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए एग्जॉस्ट फैन या पर्याप्त वेंटिलेशन होना जरूरी है. नहाने के बाद कुछ समय के लिए एग्जॉस्ट फैन चलने दें, ताकि भाप और नमी बाहर निकल सके.
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दरवाजे के नीचे हल्का गैप या जरूरत के हिसाब से वेंटिलेशन की व्यवस्था भी हवा के आवागमन में मदद कर सकती है. हालांकि गैप कितना होना चाहिए, यह दरवाजे और बाथरूम के डिजाइन के अनुसार तय करना बेहतर है.
नया दरवाजा लगवा रहे हैं तो सही मटेरियल चुनें
अगर पुराना दरवाजा काफी ज्यादा फूल चुका है और उसे ठीक करना मुश्किल है, तो नया दरवाजा लगवाते समय मटेरियल पर ध्यान दें. बाथरूम जैसे नमी वाले हिस्से के लिए WPC, PVC और अन्य नमी-रोधी इंजीनियर्ड मटेरियल बेहतर विकल्प हो सकते हैं. लकड़ी या इंजीनियर्ड वुड का दरवाजा लगवा रहे हैं, तो यह जरूर जांच लें कि वह नमी वाले स्थान के लिए उपयुक्त है या नहीं. सिर्फ दिखने में अच्छा होने के बजाय दरवाजे की एज सीलिंग, सतह की फिनिश और पानी से बचाव पर भी ध्यान देना जरूरी है.
दरवाजा फूलने के बाद क्या करें?
अगर दरवाजा थोड़ा ही फूला है, तो पहले उसकी नमी की वजह को खत्म करें. दरवाजे को सूखा रखें और किसी प्रोफेशनल से जांच कराएं कि सिर्फ सतह खराब हुई है या अंदर का हिस्सा भी नमी सोख चुका है. हल्की समस्या में खराब किनारे की मरम्मत, सीलिंग और नई फिनिश से मदद मिल सकती है. लेकिन अगर दरवाजा ज्यादा टेढ़ा हो गया है, परतें अलग होने लगी हैं या अंदर का मटेरियल बुरी तरह फूल चुका है, तो केवल पेंट या पॉलिश से समस्या ठीक नहीं होगी. ऐसे में दरवाजे की मरम्मत या उसे बदलना पड़ सकता है. इसलिए नीचे से फूलने के शुरुआती संकेत दिखते ही पानी और नमी से बचाव करना सबसे जरूरी है.
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