Mahabharat: कैसे कृपाचार्य और द्रोणाचार्य बने कौरव-पांडवों के गुरु?
एक दिन राजा शांतनु शिकार के लिए वन में गए. वहाँ उन्होंने एक बालक और एक बालिका को देखा. दोनों के पास धनुष-बाण रखे थे और उनके शरीर से तेज झलक रहा था. यह अद्भुत दृश्य देखकर राजा आश्चर्यचकित रह गए और उन बच्चों को अपने साथ हस्तिनापुर ले आए. राजा शांतनु ने दोनों बच्चों…
