देशभर के किसानों की ओर से आज (मंगलवार, 21 जुलाई) दिल्ली के किसान घाट पर ‘भारत अमेरिका ट्रेड डील’ का विरोध किया जाना है. इसके लिए किसानों ने आज दिल्ली के किसान घाट पर इकट्ठा होने की कॉल दी है. हालांकि, कल पुलिस ने हरियाणा में कार्रवाई की और कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया. इस बीच पंजाब के किसानों की ओर से आज सुबह 5:00 फतेहगढ़ साहब से बड़ी गिनती में किसानों के काफिले आए हैं.
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाला शंभू बॉर्डर पूरी तरह से बंद कर दिया है. सुबह 5.30 बजे के करीब पुलिस ने दोनों रास्ते बंद कर दिए. बताया जा रहा है कि रोड बंदी की तैयारी रात से ही की जा रही थी. किसानों को समझाने की कोशिश भी की गई थी लेकिन जब सहमति नहीं बनी तो बैरिकेडिंग कर दी गई. वहीं, फतेहगढ़ साहब से किसानों के काफिले रवाना हो गए हैं.
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हालिया जानकारी के अनुसार, किसान दिल्ली की तरफ बढ़ना शुरू हो चुके हैं और किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोकने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से भी तैयारी कर ली गई है.
‘बातचीत के बजाय टकराव की नीति अपना रही सरकार’
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर का कहना है कि भारत-अमरीका डील रद्द होनी चाहिए. हमें सूचना मिल रही है कि शंभू बॉर्डर बंद कर दिया गया है. हमें लगता है कि सरकार किसानों से बातचीत करके मसला हल करने की जगह टकराव की नीति अपना रही है, दमन की नीति अपना रही है. देश के युवाओं की बात नहीं सुनी जा रही है. किसानों और मजदूरों की बात भी नहीं सुनी जा रही है. किसान नेता का कहना है कि उन्हें केवल चार घंटे के लिए जाना था. किसान घाट किसानों का है लेकिन वहां भी नहीं जाने दे रहे हैं.
‘देशहित में नहीं है भारत-अमेरिका ट्रेड डील’
विरोध कर रहे किसानों का मानना है कि जो डील सरकार कर रही है उसमें गोपनीय समझौता है, जो देशहित में नहीं है. पियूष गोयल बोल रहे हैं कि डेरी और खेती सेक्टर पर कोई समझौता नहीं करेंगे लेकिन पियूष गोयल आपने समझौता कर लिया है.
किसान नहीं करेंगे कोई टकराव
व्हाइट हाउस की प्रेस विज्ञप्ति में जो निकल कर आया है उसमें कपास, सोयाबीन, मक्का, ड्राई फ्रूट पर समझौता हुआ है. मुझे लगता है कि पियूष गोयल देश के सामने असत्य बोल रहे हैं. किसान नेता ने दावा किया है कि कोई भी किसान अपनी ओर से टकराव की स्थिति पैदा नहीं होने देगा.
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Input By : गुरप्रीत धीमान
