भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम रहा.
विरोध-प्रदर्शन वाली जगह तक जाने वाले कई अहम रास्तों पर चेकिंग की वजह से जाम लग गया और गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई. बैरिकेड्स और कड़ी निगरानी की वजह से भी सेंट्रल दिल्ली में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले शनिवार को नई दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. इस दौरान लाउडस्पीकरों से चेतावनी दी जा रही है, प्रमुख चौराहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और जंतर-मंतर पर हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. पटेल चौक गोल चक्कर पर पुलिस की भारी मौजूदगी देखी गई.
संसद मार्ग और अशोक रोड पर पुलिस की गतिविधियां तेज
हरी और खाकी रंग की वर्दी पहने अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान भारी बैग, सुरक्षा उपकरण और राइफल लेकर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च करते हुए संसद मार्ग थाने के पास एकत्र हुए.
यह थाना जंतर-मंतर से कुछ ही मीटर की दूरी पर है. जंतर-मंतर के आसपास की सड़कें संसद मार्ग और अशोक रोड पर पुलिस की गतिविधियां तेज थीं. वहां मीडिया की गाड़ियां भी खड़ी थीं.
पिछले प्रदर्शन के दौरान ज्यादती करने के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के कई जवानों ने शरीर पर कैमरे लगा रखे थे. सुरक्षाकर्मियों को लाने वाली बसें थाने के पास सड़क किनारे खड़ी थीं. महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात दिल्ली पुलिस की ‘पिंक फोर्स’ को भी कई जगहों पर तैनात किया गया था. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे.
धारा 163 लागू किए जाने की लगातार घोषणाएं
पुलिसकर्मी लाठियां और सुरक्षा उपकरण लेकर तैनात दिखाई दिए. थाने में लगे लाउडस्पीकरों से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू किए जाने की लगातार घोषणाएं की जा रही थीं. यह थाना सुरक्षाकर्मियों के लिए रिपोर्ट करने और तैनाती से जुड़ी आगे की जानकारी लेने का केंद्र भी बना हुआ है.
अगले सड़क चौराहे पर, एनडीएमसी पालिका केंद्र के सामने सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात थे. एनडीएमसी भवन के ठीक बाहर और जंतर-मंतर के आसपास अन्य स्थानों पर भी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे. इनमें महिला सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी काफी थी. जंतर-मंतर के पास कुछ इमारतों में निजी सुरक्षा कर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने के तरीके बताए गए.
राहगीरों से पहचान पत्र दिखाने को कहा जा रहा था, ताकि कार्यालयों में काम करने वालों के अलावा अन्य लोगों, खासकर प्रदर्शनकारियों, की पहचान की जा सके.
ये पाबंदियां काफी सख्त
प्रदर्शनकारियों को वापस जाने के लिए कहा जा रहा था. आमतौर पर लागू किए जाने वाले प्रतिबंधों की तुलना में ये पाबंदियां काफी सख्त थीं. ये इंतजाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए थे.
कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप है. उन पर अपने दो सहयोगियों को दरकिनार करके मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज फॉर्म-6 में बदलाव करने का भी आरोप है.
