दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार (10 अक्टूबर) को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर सरकार सतर्क नजर आ रही है. भारी संख्या में भीड़ उमड़ने के मद्देनजर केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं.
सूत्रों के मुताबिक शनिवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सार्वधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली के बॉर्डर इलाकों में पुलिस को सतर्क रहने और अराजक तत्वों के मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखने को कहा गया है. राज्यों को लिखे गए पत्र में गृह सचिव ने 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का जिक्र किया है.
‘माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है’
लेटर में कहा गया है कि पुख्ता सूचना के आधार पर कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है इसलिए संबंधित राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश को ये चिट्ठी लिखी जा रही है. केंद्रीय गृह सचिव के लेटर में सभी को दिल्ली पुलिस से लगातार समन्वय बनाने को कहा गया है.
सीजेपी के आंदोलन को देखते हुए दिल्ली से सटे गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. इसी के मद्देनजर गाड़ियों की चेकिंग के बाद दिल्ली में एंट्री दी जा रही है. विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर आज रात 9 बजे से अगले आदेश तक दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं. दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर DMRC ने ये फैसला लिया है.
CJP के प्रदर्शन को नहीं मिली इजाजत
बता दें कि शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले CJP के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने इजाजत नहीं दी है. नई दिल्ली के इलाकों में बीएनएस की धारा 163 लागू की गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की बात कही है.
पुलिस प्रशासन की दलील है कि पिछली बार प्रदर्शनकारियों की आड़ में कई क्रिमिनल प्रदर्शन में शामिल हुए थे. ऐसे में इस बार उन्हें रोकने की कोशिश है. पिछली बार कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन की आड़ में हिंसा और दंगा किया. दिल्ली पुलिस ऐसी स्थिति को टालने की कोशिश कर रही है.
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