जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की निधी राजधान के साथ शादी पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवा जारी करके, इस शादी को नाजायज बताया है. मौलाना ने कहा कि इस्लाम में शादी विवाह के उसूल और जाब्ते बताएं गए हैं, पहला जाब्ता ये है, लड़का और लड़की दोनों का मुसलमान होना जरूरी है, अगर इन में कोई एक मुसलमान नहीं हैं, तो फिर वो शादी जायज़ नहीं कहीं जा सकती.
उन्होंने कहा कि यहां पर उमर अब्दुल्ला मुसलमान है और निधी राजधान गैर मुस्लिम महिला है. अब इन दोनों ने आपस में शादी विवाह कर ली , तो ऐसी सूरत-ए-हाल में ये शादी इस्लाम के नजर में नाजायज है. उमर अब्दुल्ला को चाहिए था, कि पहले लड़की को इस्लाम कबूल कराते, फिर शादी करते, तो ये शादी जायज़ होती. मगर यहां पर ऐसा कुछ नहीं हुआ, इसलिए ये शादी नाजायज है.
शनिवार को उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर शादी की जानकारी साझा की
यहां बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने शनिवार (31 अक्टूबर) को सोशल मीडिया के जरिए अपनी शादी की जानकारी शेयर की. उन्होंने इंस्टाग्राम पर निधि राजदान के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की. उमर अब्दुल्ला ने पोस्ट में लिखा, “कल एक नए सफर की शुरुआत हुई.” जबकि इससे पहले, 31 जुलाई 2026 को जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पहली पत्नी पायल सिंह के साथ तलाक पूरा हो गया था.
उमर और निधि की शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुई है क्योंकि दोनों अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखते हैं. उनकी शादी की सूचना के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया.
शादी के बाद अब विवाद
शादी की सूचना के एक दिन बाद ही इस शादी को इस्लामिक रीति-रिवाज से नहीं बताया जा रहा है और धर्म गुरु अपने-अपने तरीके से राय जाहिर कर रहे हैं. फिलहाल उमर या उनके परिवार की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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