कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले परेड ग्राउंड की अनुमति को लेकर विवाद गहरा गया है. कांग्रेस का आरोप है कि कई दिन पहले आवेदन देने के बावजूद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने अब तक लिखित अनुमति जारी नहीं की है. वहीं नगर निगम का कहना है कि पार्टी की ओर से अभी तक जरूरी विभागीय एनओसी और अनुमति से जुड़ी सभी शर्तों का पालन पूरा नहीं किया गया है. ऐसे में अंतिम मंजूरी नहीं दी जा सकती.
इसी बीच कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भी असमंजस की स्थिति देखने को मिली. सोमवार को टेंट और अन्य सामान लेकर पहुंचे ट्रक परेड ग्राउंड के बाहर खड़े दिखाई दिए, लेकिन उन्हें मैदान के अंदर प्रवेश नहीं मिल सका. इससे कार्यक्रम की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो गए.
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ढाई लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया पंजीकरण- कांग्रेस
कांग्रेस का कहना है कि 17 जुलाई को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी प्रदेशभर के छात्रों से संवाद करेंगे. पार्टी के मुताबिक अब तक इस कार्यक्रम के लिए ढाई लाख से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है.
हालांकि जिस परेड ग्राउंड में कार्यक्रम प्रस्तावित है, उसकी क्षमता करीब 50 हजार लोगों की बताई जा रही है. ऐसे में पंजीकरण और मैदान की क्षमता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि पार्टी ने कई दिन पहले जिला प्रशासन से लिखित रूप से अनुमति मांगी थी, लेकिन अब तक अंतिम स्वीकृति नहीं दी गई है.
उन्होंने दावा किया कि उन्हें मौखिक रूप से यह जानकारी भी मिली है कि परेड ग्राउंड की अनुमति निरस्त की जा रही है. गोदियाल ने कहा कि अगर कार्यक्रम के लिए मैदान उपलब्ध नहीं कराया गया तो कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी और आवश्यकता पड़ने पर राजभवन, जिसे अब लोग ‘लोग भवन’ कहने लगे हैं, वहां कार्यक्रम आयोजित करेगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कार्यक्रमों को लेकर अनावश्यक बाधाएं खड़ी की जा रही हैं. कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री (संगठन) राजेंद्र भंडारी ने कहा कि पार्टी ने परेड ग्राउंड के उपयोग के लिए नगर निगम में विधिवत आवेदन किया है और करीब 1.77 लाख रुपये शुल्क भी जमा कराया जा चुका है.
उन्होंने बताया कि 15, 16 और 17 जुलाई के लिए मैदान उपलब्ध कराने की अनुमति से संबंधित प्रक्रिया पूरी की गई है. उनके अनुसार कार्यक्रम की तैयारियों के तहत टेंट और अन्य सामग्री से लदे वाहनों की एंट्री 14 जुलाई की शाम या 15 जुलाई की सुबह प्रस्तावित है.
NOC का इंतजार, तभी मिलेगी अंतिम मंजूरी- नगर निगम
नगर निगम का कहना है कि केवल आवेदन देना और शुल्क जमा कराना अंतिम अनुमति नहीं माना जा सकता. नगर आयुक्त आलोक पांडे ने बताया कि कांग्रेस को विभिन्न संबंधित विभागों से एनओसी लाने के लिए पत्र जारी किया गया था. साथ ही अनुमति से जुड़ी कई शर्तों की जानकारी भी दी गई थी.
उन्होंने कहा कि अभी तक कांग्रेस की ओर से आवश्यक एनओसी और शर्तों के अनुपालन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. जैसे ही सभी औपचारिकताएं पूरी होंगी, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
16 जुलाई के सरकारी कार्यक्रम से भी बढ़ी चुनौती
सूत्रों के मुताबिक 16 जुलाई को हरेला पर्व के मौके पर राज्य सरकार का भी एक बड़ा कार्यक्रम परेड ग्राउंड में प्रस्तावित है. ऐसे में मैदान के उपयोग और तैयारियों को लेकर समन्वय की चुनौती भी सामने आ गई है.
प्रशासनिक स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि दोनों कार्यक्रमों के समय और व्यवस्थाओं में टकराव की स्थिति बनती है तो किसी वैकल्पिक स्थल पर भी विचार किया जा सकता है. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है.
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राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम में अब केवल कुछ दिन का समय बचा है. ऐसे में कांग्रेस और प्रशासन के बीच अनुमति को लेकर बना असमंजस लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है.
अगर आवश्यक एनओसी और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो कार्यक्रम तय स्थान पर आयोजित किया जा सकता है. वहीं अगर अनुमति में देरी होती है या किसी वजह से मंजूरी नहीं मिलती है तो कांग्रेस को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है.
