पश्चिमी यूरोप इस समय तेज हीटवेव की चपेट में है. फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम में मई महीने का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया है. बढ़ती गर्मी की वजह से कई देशों में हेल्थ अलर्ट जारी किए गए हैं, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है और कुछ जगहों पर गर्मी से मौतों की खबरें भी सामने आई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी अफ्रीका से पश्चिमी यूरोप की ओर गर्म हवा आने की वजह से यह स्थिति बनी है. इसे हीट डोम कहा जा रहा है. इसके कारण तापमान इतना बढ़ गया है कि कई जगहों पर मौसम गर्मियों के चरम जैसा महसूस हो रहा है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों की गतिविधियों से हो रहे जलवायु परिवर्तन की वजह से यूरोप दुनिया के औसत तापमान से ज्यादा तेजी से गर्म हो रहा है. इसी कारण हीटवेव पहले की तुलना में ज्यादा बार और ज्यादा खतरनाक रूप में देखने को मिल रही हैं. यूनाइटेड किंगडम में भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी है. मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को दक्षिण-पश्चिम लंदन के क्यू गार्डन्स में तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह मई महीने का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है और पुराने रिकॉर्ड से करीब 2 डिग्री ज्यादा है
मई में लंदन का औसत तापमान क्या रहता है?
मौसम विभाग ने कहा कि इतनी गर्मी आमतौर पर गर्मियों के बीच में देखने को मिलती है, जबकि मई में लंदन का औसत तापमान करीब 17 से 18 डिग्री सेल्सियस रहता है. मेट ऑफिस ने यह भी बताया कि मंगलवार रात मई महीने की सबसे गर्म रात रिकॉर्ड की गई. इसे ट्रॉपिकल नाइट कहा गया, क्योंकि रात में भी तापमान काफी ज्यादा बना रहा. हाल ही में जलवायु विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि ब्रिटेन का मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर बदलते मौसम के हिसाब से तैयार नहीं है. उन्होंने सरकार से स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सुविधाओं को नए मौसम हालात के अनुसार ढालने की अपील की थी.
फ्रांस में भी रिकॉर्ड गर्मी
फ्रांस में भी हालात गंभीर बने हुए हैं. देश की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने कहा कि सोमवार मई महीने का सबसे गर्म दिन रहा, जब से देश में तापमान मापना शुरू हुआ है. एजेंसी ने उत्तर-पश्चिम फ्रांस के लिए ऑरेंज हीटवेव अलर्ट जारी किया है, जो दूसरा सबसे बड़ा चेतावनी स्तर होता है. मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. पेरिस में शनिवार को तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल पहली बार 30 डिग्री से ऊपर गया. गर्मी के कारण कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं. पेरिस में 10 किलोमीटर की दौड़ के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि मौत सीधे गर्मी की वजह से हुई या नहीं.
महिला की हीट स्ट्रोक से मौत
ल्योन शहर में भी एक महिला की फिटनेस दौड़ के बाद हीट स्ट्रोक से मौत हो गई. फ्रांस की जूनियर ऊर्जा मंत्री मॉड ब्रेगियन ने कहा कि मौजूदा हीटवेव से जुड़े अलग-अलग कारणों से सात लोगों की मौत हुई है. इनमें से 5 लोग की मौत झील, नदी या समुद्र में डूबने की वजह से हो गई.
जर्मनी, स्पेन और इटली भी प्रभावित
जर्मनी में इस साल पहली बार तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है. स्पेन में भी हालात गंभीर हैं. मौसम एजेंसी AEMET के अनुसार, इस सप्ताह के आखिर तक कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इटली में गर्मी की वजह से कुछ क्षेत्रों में बाहर काम करने पर रोक लगा दी गई है. पिछले साल भी ऐसी पाबंदियां लगाई गई थीं, लेकिन इस बार गर्मी जल्दी शुरू हो गई है.
ये भी पढ़ें: क्वाड की नई दिल्ली में बैठक से बीजिंग को लगी मिर्ची, चीन के विदेश मंत्रालय का आया ये रिएक्शन
