फूड डिलीवरी एप के बारे में जब भी बात होती है, सबसे पहला नाम हमेशा जोमैटो और ्विगी का ही लिया जाता है. ये दोनों एप्स कस्टमर्स के बीच काफी पॉपुलर हैं. लेकिन अब जल्दी ही इन दोनों एप्स को कड़ी टक्कर देने के लिए एक और बड़ी कंपनी फूड डिलीवरी के बिजनेस में हाथ डालने वाली है. ये कंपनी कोई और नहीं बल्कि ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट है.
दरअसल फ्लिकपार्ट अब फूड डिलीवरी के बिजनेस में भी उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी अपनी नई सर्विस ‘ईट-इन बाय मिनट’ के जरिए जोमैटो और स्विगी को कड़ी टक्कर देगी.
इस शहर से होगी शुरुआत
दरअसल फ्लिपकार्ट के जरिए इस सर्विस को शुरू करने के लिए शहर भी चुन लिया गया है. खबरों की मानें को इस सर्विस की शुरुआत बेंगलुरु से होने जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अक्टूबर 2026 के आखिर तक इसे आम ग्राहकों के लिए शुरू कर सकती है. इस सर्विस के जरिए ग्राहक फ्लिपकार्ट एप पर ही खाना ऑर्डर कर सकेंगे. कंपनी को उम्मीद है कि उसके मौजूदा ग्राहक और डिलीवरी नेटवर्क इस कारोबार को बढ़ाने में मदद करेंगे.
कैसे काम करेगी नई सर्विस?
फ्लिपकार्ट फिलहाल बेंगलुरु स्थित अपने मुख्यालय में इस सर्विस का ट्रायल कर रही है. शुरुआत में इसका इस्तेमाल कंपनी के कर्मचारी कर रहे हैं. ट्रायल के दौरान इसमें 8 हजार कर्मचारी शामिल रहेंगे. इसके साथ ही फ्लिपकार्ट की एप में फूड डिलीवरी के लिए अलग सेक्शन दिया जाएगा. जिसके जरिए ऑर्डर किया जा सकेगा. तो वहीं कंपनी अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क ई-कार्ट की मदद से भी डिलीवरी की व्यवस्था करने पर काम कर रही है.
इस सर्विस पर ऐसे रेस्टोरेंट भी उपलब्ध होंगे जो सरकार के समर्थन वाले ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से जुड़े हैं. इसके अलावा फ्लिपकार्ट के साथ सीधे जुड़ने वाले रेस्टोरेंट भी शामिल होंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की योजना 2026 के आखिर तक इसे पांच से छह शहरों में फैलाने की है.
कितने कमीशन पर काम करेगा फ्लिपकार्ट?
फ्लिपकार्ट की नई सर्विस की सबसे बड़ी खासियत इसका कम कमीशन मॉडल हो सकता है. नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष सागर दरयानी के मुताबिक, फ्लिपकार्ट ने रेस्टोरेंट के लिए करीब 10% बेस कमीशन का प्रस्ताव रखा है. इसके मुकाबले जोमैटो और स्विगी आमतौर पर 20–25% कमीशन लेते हैं. हालांकि ये फ्लिपकार्ट का प्रस्तावित बेस कमीशन है. एड, डिस्काउंट और अन्य शुल्क जुड़ने पर रेस्टोरेंट का कुल खर्च अलग हो सकता है.
बता दें कि फ्लिपकार्ट की ‘ईट-इन बाय मिनट’ सर्विस भारतीय फूड डिलीवरी बाजार में कॉम्पिटीशन बढ़ा सकती है. करीब 10% बेस कमीशन का प्रस्ताव रेस्टोरेंट के लिए आकर्षक हो सकता है, क्योंकि इससे उनका खर्च कम होने की संभावना है. लेकिन सिर्फ कम कमीशन के आधार पर फ्लिपकार्ट बाकी एप्स को चुनौती नहीं दे पाएगा. कंपनी को ग्राहकों को बेहतर कीमत, समय पर डिलीवरी और अच्छी सेवा भी देनी होगी.
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