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Ganesh Visarjan 2026: 14 सितंबर को बप्पा की स्थापना, डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन किस दिन होगा?


Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की स्थापना करने वाले कई परिवार उन्हें पूरे दस दिनों के बजाय डेढ़ दिन के लिए रखते हैं. खासकर नौकरीपेशा लोगों, छोटे फ्लैट में रहने वाले परिवारों और पहली बार गणपति लाने वालों के लिए डेढ़ दिन का उत्सव सुविधाजनक रहता है. लेकिन मूर्ति खरीदते समय ही एक सवाल सामने आता है, विसर्जन की तारीख पहले तय करनी जरूरी है या स्थापना के बाद भी फैसला किया जा सकता है?

साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी. ऐसे में डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन अगले दिन यानी 15 सितंबर 2026, मंगलवार को किया जाएगा. विसर्जन का सही समय शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है. इसलिए परिवार को स्थापना से पहले तारीख के साथ यह भी देख लेना चाहिए कि 15 सितंबर को विसर्जन की व्यवस्था किस समय संभव होगी.

डेढ़ दिन का मतलब ठीक 36 घंटे नहीं

कई लोग समझते हैं कि डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन मूर्ति स्थापना के ठीक 36 घंटे बाद करना होता है, लेकिन व्यवहार में ऐसा जरूरी नहीं है. गणेश चतुर्थी के दिन शुभ मुहूर्त में बप्पा की स्थापना होती है. अगले दिन सुबह और दोपहर की पूजा के बाद उपलब्ध शुभ समय में विसर्जन किया जाता है.

इसका अर्थ यह है कि सोमवार दोपहर गणपति स्थापित करने वाले परिवार को मंगलवार रात तक पूरे 36 घंटे होने की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी. परंपरा के अनुसार अगले दिन उत्तर पूजा और आरती के बाद विसर्जन किया जा सकता है.

स्थापना से पहले अवधि तय करना क्यों जरूरी है?

गणपति स्थापना के समय परिवार पूजा का संकल्प लेता है. इसी समय यह स्पष्ट रखना अच्छा माना जाता है कि बप्पा को डेढ़, तीन, पांच, सात या दस दिनों में से कितने समय के लिए घर में रखा जाएगा. इससे पूजा, भोग, आरती और विसर्जन की व्यवस्था पहले से बन जाती है.

डेढ़ दिन का गणपति रखने वाले परिवार को 14 सितंबर की स्थापना और 15 सितंबर के विसर्जन का कार्यक्रम पहले तय कर लेना चाहिए. घर में कौन पूजा करेगा, विसर्जन कहां होगा, मूर्ति कौन लेकर जाएगा और पर्यावरण के अनुकूल विसर्जन कैसे किया जाएगा, इन बातों पर पहले फैसला करने से आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सकता है.

क्या स्थापना के बाद अवधि बदली जा सकती है?

अगर स्थापना के समय डेढ़ दिन का संकल्प लिया गया है तो सामान्य स्थिति में उसी के अनुसार विसर्जन करना बेहतर माना जाता है. फिर भी बीमारी, यात्रा, मौसम, प्रशासनिक नियम या परिवार में अचानक आई किसी परेशानी के कारण समय बदलना पड़े तो भयभीत होने की जरूरत नहीं है.

ऐसी स्थिति में गणपति से क्षमा प्रार्थना करके परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा की अवधि बदली जा सकती है. संभव हो तो अपने कुल पुरोहित या किसी जानकार आचार्य से भी सलाह लें. पूजा का उद्देश्य श्रद्धा है, इसलिए मजबूरी में हुए बदलाव को किसी निश्चित दोष या अनिष्ट से जोड़ना उचित नहीं है.

डेढ़ दिन के विसर्जन से पहले क्या करें?

विसर्जन वाले दिन गणपति की सामान्य पूजा करें. उन्हें फूल, दूर्वा, फल या घर में बना सात्विक भोग अर्पित करें. इसके बाद आरती करें और उत्सव के दौरान हुई किसी भूल के लिए क्षमा मांगें. गणपति से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए उत्तर पूजा की जाती है.

मूर्ति को चौकी से उठाने से पहले हल्का-सा आगे खिसकाने की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है. इसके बाद सम्मानपूर्वक विसर्जन के लिए ले जाएं. घर से निकलते समय प्रसाद और पूजा में चढ़ाए गए फूल अलग रखे जा सकते हैं.

घर में विसर्जन करना हो तो कैसे तैयारी करें?

छोटी और मिट्टी से बनी गणपति प्रतिमा का विसर्जन घर में किसी साफ तथा पर्याप्त बड़े पात्र में किया जा सकता है. मूर्ति पूरी तरह घुलने के बाद उस मिट्टी को गमलों या बगीचे में डाला जा सकता है. पेंट, प्लास्टर ऑफ पेरिस या रासायनिक सजावट वाली मूर्ति को घर में घोलने से पहले उसके पदार्थ की जानकारी जरूर लें.

यदि नगर निगम या स्थानीय किसी संस्था ने कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए हैं तो उनका उपयोग किया जा सकता है. सार्वजनिक जलस्रोत में विसर्जन से पहले स्थानीय प्रशासन के निर्देश देखना जरूरी है.

पहले ही तय कर लें ये चार बातें

डेढ़ दिन के गणपति लाने से पहले स्थापना की तारीख, विसर्जन का दिन, विसर्जन का स्थान और परिवार में पूजा करने वाले सदस्य तय कर लें. 2026 में स्थापना 14 सितंबर और डेढ़ दिन का विसर्जन 15 सितंबर को होगा.

परिवार में पीढ़ियों से गणपति स्थापना की कोई अलग परंपरा चली आ रही हो तो उसे प्राथमिकता दें. डेढ़ दिन, पांच दिन या दस दिन, बप्पा को कितने समय के लिए घर में रखा गया, इससे अधिक महत्वपूर्ण उस अवधि में की गई श्रद्धापूर्ण सेवा है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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