जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को श्रीनगर से जम्मू तक कार्यालयों के वार्षिक ‘दरबार मूव’ (स्थानांतरण) का आदेश दिया है. इसके साथ ही 154 साल पुरानी यह द्विवार्षिक प्रशासनिक परंपरा चार साल के अंतराल के बाद पूरी तरह से बहाल हो गई है. शीतकालीन सत्र 2026-27 के लिए जारी आदेश के अनुसार, 31 अक्टूबर को श्रीनगर में कार्यालय बंद होंगे और 2 नवंबर को शीतकालीन राजधानी जम्मू में फिर से खुलेंगे.
‘दरबार मूव’ जम्मू-कश्मीर की एक अनूठी, सदियों पुरानी द्विवार्षिक प्रशासनिक परंपरा है, जिसके तहत सिविल सचिवालय और सभी प्रमुख सरकारी कार्यालय केंद्र शासित प्रदेश की दो राजधानियों के बीच स्थानांतरित होते हैं.
‘दरबार मूव’ क्या है?
इस परंपरा के अनुसार, मई से अक्टूबर तक शासन का कामकाज ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से चलता है, और फिर साल के बाकी छह महीनों (नवंबर से अप्रैल) के लिए यह शीतकालीन राजधानी जम्मू में स्थानांतरित हो जाता है. इसी को ‘दरबार मूव’ कहते हैं. 19 अक्टूबर 2026 के सरकारी आदेश संख्या 1664-JK(GAD) के अनुसार, ‘एनेक्सचर-A’ (Annexure-A) और ‘एनेक्सचर-B’ (Annexure-B) के तहत दफ्तर शिफ्ट होते हैं.
दो तरीके शिफ्ट होते हैं दफ्तर
एनेक्सचर-A का मतलब है ‘पूर्ण रूप से’ यानि कि इस लिस्ट जोभी दफ्तर आते हैं उन्हें पूरी तरह से जम्मू शिफ्ट किया जाता है. दूसरा है, एनेक्सचर-B यानि कि ‘कैंप के रूप में’ (In Camp) जम्मू स्थानांतरित होंगे. इस लिस्ट में आने वाले विभाग पूरी तरह जम्मू नहीं शिफ्ट होंगे. इस आदेश की प्रति GNS के पास मौजूद है.
नियमों के मुताबिक, कैंप मोड में जाने वाले दफ्तर अपने साथ सिर्फ 33 प्रतिशत स्टाफ या अधिकतम 10 कर्मचारी (जो भी कम हो) ही जम्मू ले जा सकते हैं, बाकी का स्टाफ श्रीनगर में ही रहकर काम संभालेगा ताकि कश्मीर घाटी के लोगों को दिक्कत न हो.
2 नवंबर से जम्मू में खुलेंगे दफ्तर
जिन कार्यालयों में सप्ताह में पांच दिन काम होता है, वो 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को कार्यालय समय के बाद श्रीनगर में बंद हो जाएंगे. वहीं, जिन कार्यालयों में सप्ताह में छह दिन काम होता है, वो कार्यालय 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को बंद होंगे. सभी कार्यालय 2 नवंबर 2026 (सोमवार) को जम्मू में फिर से खुलेंगे.
JKRTC को निर्देश दिया गया है कि वो 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कर्मचारियों के आवागमन के लिए अच्छी स्थिति वाली पर्याप्त बसें उपलब्ध कराए. इन बसों के टिकट 27 अक्टूबर, 2026 से पहले ही जारी कर दिए जाएंगे.
दरबार मूव के लिए ट्रैवलिंग अलाउंस
JKRTC यह भी सुनिश्चित करेगा कि हर काफिले के साथ एक क्रेन, दो खाली बसें और मोबाइल वर्कशॉप मौजूद रहें. J&K पुलिस इन काफिलों को एस्कॉर्ट करेगी और बनिहाल-काजीगुंड टनल तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल से गुजरते समय इन्हें प्राथमिकता दिलाना सुनिश्चित करेगी.
जम्मू जाने वाले हर कर्मचारी को 25,000 रुपये का स्पेशल मूव ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) दिया जाएगा. स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल कार्यालयों के सभी कर्मचारियों के लिए अक्टूबर 2026 का वेतन 29 अक्टूबर, 2026 को जारी किया जाएगा.
श्रीनगर में ‘विंटर सचिवालय’ करता रहेगा काम
घाटी में रहने वाली जनता के लिए प्रशासनिक कामकाज निरंतर चलता रहे, इसके लिए सर्दियों के महीनों में श्रीनगर के सिविल सचिवालय में एक ‘विंटर सचिवालय’ काम करेगा, जिसमें न्यूनतम स्टाफ मौजूद रहेंगे. इस विंटर सचिवालय में प्रत्येक विभाग की ओर से 1 राजपत्रित (Gazetted) और 4 अराजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारी तैनात रहेंगे.
साल 2021 के बाद दोबारा क्यों शुरू की परंपरा?
बता दें कि साल 2021 में, उपराज्यपाल के प्रशासन ने 149 साल पुरानी इस परंपरा को बंद कर दिया था. सरकार ने इसका कारण पूरी तरह से डिजिटल ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली को अपनाना बताया था. साथ ही, यह भी कहा गया था कि इस भौतिक स्थानांतरण (physical move) को खत्म करने से सरकारी खजाने में हर साल लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत होगी, जो पहले कर्मचारियों के आने-जाने और उनके ठहरने की व्यवस्था पर खर्च होते थे.
जनता की मांग और क्षेत्रीय समानता तथा दोनों शहरों (श्रीनगर और जम्मू) की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के राजनीतिक वादों को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘दरबार मूव’ (Darbar Move) की परंपरा को फिर से बहाल कर दिया है.
