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Mahoba News: कबरई में पानी के लिए हाहाकार, टैंकर के बाद भी प्यासे लोग, 10 साल से हाल जस का तस


बुंदेलखंड में भीषण गर्मी के बीच महोबा का कबरई कस्बा पानी की बूंद-बूंद को तरस रहा है. करीब 10 से ज्यादा मोहल्लों में पेयजल संकट इतना विकराल हो चुका है कि पानी का टैंकर आते ही पानी लेने के लिए जंग जैसे हालत और पानी लूटने जैसा नजारा बन जाता है. चुनावी वादों और करोड़ों की ‘हर घर नल’ योजना के दावों के बीच, कबरई कस्बा के लोग आज भी अपनी प्यास बुझाने के लिए सरकारी सिस्टम से लड़ रहे हैं.

4500 लीटर का टैंकर आने के बाद भी कई लोग बीने पानी के

महोबा जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर कबरई कस्बे की ये तस्वीरें हैरत में डालने वाली हैं. चढ़ते पारे के साथ यहां पानी के लिए हाहाकार मचा है. जैसे ही नगर पालिका का 4500 लीटर का टैंकर किसी मोहल्ले में दाखिल होता है, लोग उस पर टूट पड़ते हैं. महज 5 से 7 मिनट में पूरा टैंकर खाली हो जाता है, लेकिन आबादी इतनी ज्यादा है कि फिर भी कई लोग खाली हाथ रह जाते हैं. 

प्रशासन भले ही केवल तीन मोहल्लों में समस्या की बात मान रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इंदिरा नगर, राजेंद्र नगर, विवेक नगर, आजाद नगर और झलकारी बाई नगर समेत करीब 10 मोहल्ले जिनकी लगभग आबादी लगभग 35 हजार है को पानी के लिए तरस रहे हैं. कस्बे में जो इक्का-दुक्का हैंडपंप हैं, उनका जलस्तर नीचे जा चुका है. जहां थोड़ा-बहुत पानी आता भी है, वहां पानी भरने को लेकर रोज मारपीट की नौबत आ जाती है. हालात इतने बदतर हैं कि पुरुषों को अपनी मजदूरी और बच्चों को अपनी पढ़ाई छोड़कर दिनभर पानी का इंतजार करना पड़ता है.

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पिछले 10 सालों से समस्या जस की तस बनी हुई

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या पिछले 10 साल से जस की तस बनी हुई है. 6 साल पहले कलशाह बाबा धाम में पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ था और पाइपलाइन भी बिछाई गई थी, लेकिन जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों के बाद भी आज तक यह कार्य अधूरा पड़ा है. पथरीला और पहाड़ी इलाका होने के कारण घरों में निजी बोरिंग भी कामयाब नहीं हो पाती. नगर पंचायत का दावा है कि 6 टैंकरों के जरिए 10-10 चक्कर लगवाकर पानी बांटा जा रहा है जो नकाफी है. 

कबरई के लोगों ने चेतावनी, ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’

रामरती और गंगाराम जैसे स्थानीय निवासियों का कहना है कि नेता सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद कोई पलटकर नहीं देखता. लोगों ने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायतें कीं, मगर नतीजा सिफर रहा. अब कबरई के लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि पानी नहीं तो वोट नहीं देंगे. 

इस पूरे मामले पर प्रशासन का रटा-रटाया जवाब सामने आया है. एसडीएम शिवध्यान पांडे का कहना है कि जल निगम जल्द ही निर्माणाधीन टंकी को शुरू कर स्थाई समाधान का दावा कर रहा है. जबकि करोड़ों की अर्जुन सहायक और हर घर नल योजना के बीच कबरई वासियों की यह प्यास सरकारी दावों की पोल खोल रही है.

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