Mangal Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 14 वर्षों बाद एक दुर्लभ ग्रह संयोग बनने जा रहा है. 18 सितंबर 2026, शुक्रवार को शाम करीब 4 बजकर 50 मिनट पर मंगल मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा, जहां पहले से गुरु (बृहस्पति) विराजमान हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं में इस स्थिति को गुरु-मंगल युति कहा जाता है, और कर्क मंगल की नीच राशि मानी जाती है, इसलिए इसे परंपरागत रूप से नीच राजभंग योग का नाम दिया गया है.
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, नवग्रहों में मंगल को साहस, ऊर्जा और उत्साह का कारक ग्रह माना जाता है, जबकि गुरु को ज्ञान और मार्गदर्शन का ग्रह माना जाता है. परंपरागत ज्योतिष मान्यता है कि मंगल के उग्र स्वभाव को गुरु की उपस्थिति संतुलित कर सकती है, क्योंकि गुरु कर्क राशि में उच्च के माने जाते हैं.
इस गोचर के दौरान मंगल अपनी चौथी दृष्टि से तुला राशि में स्थित शुक्र को और आठवीं दृष्टि से कुंभ राशि में स्थित राहु को देखेगा, जिससे परंपरागत गणना में षडाष्टक योग बनने की बात कही जा रही है.
जानें, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार आपकी राशि पर क्या रह सकता है असर
मेष राशि
मंगल आपकी राशि के प्रथम और अष्टम भाव के स्वामी हैं और चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे. ज्योतिषीय मान्यता है कि पारिवारिक निर्णय सोच-समझकर लें, स्थायी संपत्ति को लेकर विवाद की संभावना बताई गई है. मां के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है. व्यापार सामान्य रहने और नौकरी में अधिकारियों से मतभेद होने पर भी गुरु का सहयोग मिलने का अनुमान है.
वृषभ राशि
मंगल द्वादश और सप्तम भाव के स्वामी होकर तृतीय भाव में गोचर करेंगे. पारिवारिक व वैवाहिक जीवन मिला-जुला रहने की बात कही गई है. व्यापार और नौकरी में धन लाभ तथा लंबित सरकारी कार्य पूरा होने का योग बताया गया है. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
मिथुन राशि
मंगल एकादश और षष्ठ भाव के स्वामी होकर द्वितीय भाव में गोचर करेंगे, जिसे परंपरागत रूप से अनुकूल नहीं माना जाता. वाणी पर नियंत्रण रखने और खान-पान पर ध्यान देने की सलाह दी गई है, हालांकि धन लाभ और उधार वापसी के योग भी बताए गए हैं.
कर्क राशि
मंगल पंचम और दशम भाव के स्वामी होकर स्वयं की राशि यानी प्रथम भाव में गोचर करेंगे. नीच राशि में होने के कारण चोट-दुर्घटना से बचाव और पारिवारिक विवादों से दूरी बरतने की सलाह दी गई है. वैवाहिक जीवन में चुनौतियां आ सकती हैं, जबकि व्यापार सामान्य गति से चलने का अनुमान है.
सिंह राशि
मंगल चतुर्थ और नवम भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव में गोचर करेंगे. सिंह राशि मंगल की मित्र राशि मानी जाती है. पुराने मित्रों से मुलाकात, नई नौकरी में सफलता, व्यापार में बेहतर पहचान और विदेश यात्रा में सफलता के योग बताए गए हैं.
कन्या राशि
मंगल तृतीय और अष्टम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव में गोचर करेंगे. व्यापार में लाभ, भाई-बहनों से मजबूत रिश्ते और प्रतियोगी परीक्षाओं में मेहनत के बाद सफलता मिलने का अनुमान है. गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
तुला राशि
मंगल द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी होकर दशम भाव में गोचर करेंगे, जहां पहले से गुरु मौजूद हैं. कार्यक्षमता व ऊर्जा में वृद्धि, रियल एस्टेट व्यापार में लाभ और अधिकारियों से बेहतर तालमेल का योग है, लेकिन वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ने की भी बात कही गई है.
वृश्चिक राशि
मंगल प्रथम और षष्ठ भाव के स्वामी होकर नवम भाव में गोचर करेंगे. भाग्य भाव में मंगल को सामान्यतः अनुकूल नहीं माना जाता, लेकिन गुरु के प्रभाव से नौकरी में स्थिरता, सरकारी नौकरी में तबादला और शोध कार्यों में मेहनत के बाद सफलता मिलने का अनुमान है.
धनु राशि
मंगल द्वादश और पंचम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव में गोचर करेंगे. इस भाव में गुरु-मंगल युति को अनुकूल नहीं माना जाता. काम पर फोकस बनाए रखने, वाहन चलाते समय सावधानी और प्रेम संबंधों में विवाद से बचने की सलाह दी गई है.
मकर राशि
मंगल एकादश और चतुर्थ भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव में गोचर करेंगे. यह गोचर सामान्यतः अनुकूल नहीं माना जाता, पर गुरु के सहयोग से कुछ राहत मिलने की बात कही गई है. नए निवेश से बचने, गुस्से पर नियंत्रण रखने और वैवाहिक संबंधों में संयम बरतने की सलाह दी गई है.
कुंभ राशि
मंगल दशम और तृतीय भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव में गोचर करेंगे, जिसे शुभ फलदायी माना जाता है. विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए अनुकूल समय, नौकरी में प्रभाव बढ़ने और पुराने पारिवारिक विवाद सुलझने के योग बताए गए हैं.
मीन राशि
मंगल द्वितीय और नवम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव में गोचर करेंगे, जहां गुरु के साथ युति बनेगी. मिला-जुला परिणाम रहने का अनुमान है, आत्मविश्वास बढ़ने के योग हैं, लेकिन प्रेम संबंधों में तनाव की आशंका भी जताई गई है. विद्यार्थियों को पढ़ाई पर फोकस बनाए रखने की सलाह दी गई है.
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