Ganesh Visarjan 2026: गणपति विसर्जन के समय बप्पा को विदा करने के साथ पूजा में रखी फूल-माला, दूर्वा, वस्त्र, सुपारी और नारियल का क्या किया जाए, इसे लेकर अक्सर असमंजस रहता है. बहुत से लोग प्रतिमा के साथ पूजा की पूरी सामग्री भी पानी में प्रवाहित कर देते हैं.
हालांकि धार्मिक विदाई और पूजन सामग्री का निस्तारण दो अलग प्रक्रियाएं हैं. जानिए विसर्जन से पहले कौन-सी वस्तु हटा लेनी चाहिए और उसका क्या करना उचित होगा.
विसर्जन से पहले करें उत्तर पूजा
गणपति प्रतिमा उठाने से पहले उत्तर पूजा या विदाई पूजा की जाती है. बप्पा को फूल, दूर्वा और भोग अर्पित करके आरती करें. पूजा के दौरान हुई भूल के लिए क्षमा मांगें और अगले वर्ष दोबारा घर आने की प्रार्थना करें.
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इसके बाद प्रतिमा को स्थापित स्थान से थोड़ा आगे खिसकाया जाता है. इसे इस बात का संकेत माना जाता है कि स्थापना का संकल्प पूरा हो गया और अब बप्पा को सम्मानपूर्वक विदा किया जा रहा है.
क्या फूल-माला भी पानी में बहानी चाहिए?
प्रतिमा पर चढ़े फूल, माला, दूर्वा और पत्ते विसर्जन से पहले उतार लेने चाहिए. इन्हें नदी, तालाब या नाली में नहीं डालना चाहिए. प्राकृतिक फूल और पत्तियां अलग इकट्ठा करके खाद बनाई जा सकती है. घर में यह संभव न हो तो इन्हें साफ मिट्टी में दबाया जा सकता है या नगर निकाय द्वारा बनाए गए निर्माल्य कलश में डालें.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित विसर्जन दिशा-निर्देशों में भी प्रतिमा से फूल, पत्तियां और सजावटी सामग्री हटाकर ही निर्धारित स्थान पर विसर्जन करने की बात कही गई है.
प्लास्टिक की माला, रिबन, थर्मोकोल, चमकीली पन्नी या कृत्रिम सजावट को गीले पूजन-सामग्री के साथ न मिलाएं. इन्हें अलग करके उचित कचरा संग्रह केंद्र को दें.
गणपति को पहनाया वस्त्र कहां रखें?
बप्पा को अर्पित कपड़े को मूर्ति के साथ पानी में प्रवाहित करना जरूरी नहीं है. वस्त्र को सम्मान से उतारकर साफ और सूखे स्थान पर रखें. इसे अगले वर्ष गणपति की चौकी सजाने, पूजाघर में बिछाने या दूसरी धार्मिक पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है.
यदि वस्त्र नया और उपयोग योग्य है तो पारिवारिक परंपरा के अनुसार किसी जरूरतमंद को दिया जा सकता है. किसी मंदिर में अर्पित करना हो तो पहले वहां की व्यवस्था अवश्य पूछ लें. कपड़े के साथ लगा प्लास्टिक, तार या कृत्रिम आभूषण पानी में बिल्कुल न डालें.
पूजा की सुपारी का क्या करें?
यदि सुपारी केवल पूजन सामग्री के रूप में अर्पित की गई थी, तो उत्तर पूजा के बाद उसे लाल या पीले कपड़े में लपेटकर पूजाघर में रखा जा सकता है. कुछ परिवार इसे प्रसाद स्वरूप सुरक्षित रखते हैं.
अगर सुपारी को गणपति या किसी अन्य देवता का प्रतीक मानकर स्थापित किया गया था, तो उसका पहले विधिवत उद्वासन करना चाहिए. इसके बाद क्या करना है, इसे लेकर क्षेत्रीय और कुल परंपराएं अलग हो सकती हैं. ऐसी सुपारी को खुले जलस्रोत में फेंकने के बजाय अपनी पारिवारिक परंपरा या पुरोहित की सलाह के अनुसार रखें.
नारियल, फल और कलश जल का क्या करें?
पूजा का नारियल और खाने योग्य फल परिवार में प्रसाद के रूप में बांटे जा सकते हैं. सामान खराब हो चुका हो तो उसका सेवन न करें. कलश का स्वच्छ जल किसी पौधे या साफ मिट्टी में डाला जा सकता है. कलश, सिक्के और धातु के आभूषणों को साफ करके दोबारा पूजा में इस्तेमाल करें.
विसर्जन का सबसे आसान नियम
विसर्जन के पानी में केवल पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्रतिमा ही ले जाएं और इसके लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित कुंड या स्थान चुनें. फूल-माला, वस्त्र, सुपारी, प्लास्टिक और सजावट को पहले अलग कर लें. इससे बप्पा की विदाई श्रद्धा के साथ होगी और जलस्रोत भी प्रदूषित नहीं होंगे.
FAQ
1. क्या गणपति के साथ फूल-माला का विसर्जन करना चाहिए?
प्रतिमा पर चढ़े फूल, दूर्वा और पत्तियां पहले अलग कर लेनी चाहिए. इन्हें निर्माल्य पात्र, खाद या साफ मिट्टी में रखा जा सकता है.
2. गणपति को पहनाया हुआ वस्त्र कहां रखें?
वस्त्र को साफ करके पूजाघर में सुरक्षित रख सकते हैं या अगली धार्मिक पूजा में उपयोग कर सकते हैं.
3. गणेश पूजा में रखी सुपारी का क्या करें?
उत्तर पूजा के बाद सुपारी को लाल या पीले कपड़े में लपेटकर पूजाघर में रखा जा सकता है. कुल परंपरा अलग होने पर पुरोहित की सलाह लें.
4. क्या प्लास्टिक की सजावट भी पानी में डाल सकते हैं?
नहीं. प्लास्टिक, थर्मोकोल, कृत्रिम आभूषण, रिबन और धातु की सजावट विसर्जन से पहले हटा देनी चाहिए.
5. गणपति विसर्जन के बाद कलश के जल का क्या करें?
स्वच्छ कलश जल किसी पौधे या साफ मिट्टी में अर्पित किया जा सकता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
