महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में गाड़ियों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एक खास इंस्पेक्शन ड्राइव शुरू की है. इस इंस्पेक्शन ड्राइव के शुरुआती 15 दिनों के भीतर ही आरटीओ (RTO) टीमों ने पाया गया कि जांची गई कुल गाड़ियों में से 18.3 प्रतिशत अनफिट हैं.
इस ड्राइव में पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट की वैलिडिटी और अपनी तय कैपेसिटी से ज़्यादा लोड ले जाने वाली गाड़ियों की जांच शामिल है. इसके अलावा, बिना ठीक से ढके निर्माण सामग्री या अन्य खुला सामान ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है. साथ ही ओवरलोड करने वाले वाहनों की भी जांच की जा रही है.
5,821 गाड़ियों ने किया नियमों का उल्लंघन
RTO के मुताबिक, 1 से 15 अक्टूबर के बीच, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के 11 RTO ऑफिस के एरिया में कुल 31,899 गाड़ियों की जांच की गई. जांच के दौरान 5,821 गाड़ियां नियमों का उल्लंघन करती पाईं गए और इनपर 6,20,90,500 रुपये का फाइन लगाया है, जिसमें से 1,92,17,490 रुपए वसूल किए जा चुके हैं.
कुल जुर्माने की वसूली केवल 31 प्रतिशत
बता दें कि कुल 6.20 करोड़ के जुर्माने के मुकाबले केवल ₹1.92 करोड़ ही वसूले जा सके हैं और ये कुल राशि का करीब 31 प्रतिशत है. राज्य परिवहन विभाग ने जांच का अभियान बॉम्बे हाई कोर्ट में मुंबई के वायु प्रदूषण को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) के संबंध में बनी एक उच्च-स्तरीय समिति के निर्देशों के बाद शुरू किया है.
सबसे अधिक पनवेल में नियमों का उल्लंघन
आंकड़ों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की सबसे अधिक संख्या पनवेल 1,170 उसके बाद ठाणे में 912 और मुंबई ईस्ट में 684 रही. हालांकि, पनवेल में सबसे अधिक 1.06 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि लगाई गई है, जबकि वसई में 92.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. इसके अलावा 11 कार्यालयों में से, मीरा-भायंदर में 1,012 वाहनों की जांच के दौरान 92 वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए.
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