एनसीईआरटी ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए नई सोशल साइंस की किताब जारी कर दी है. इसका नाम Understanding Society-India and Beyond, Social Science Textbook for Grade 9, पार्ट 2 है. यह कक्षा 9 के लिए सोशल साइंस की नई पाठ्यपुस्तक का दूसरा भाग है. एनसीईआरटी के अनुसार छात्र, टीचर्स और पेरेंट्स इस किताब को 29 सितंबर यानी आज से खरीद सकते हैं. नई किताब की शुरुआत कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलाव का हिस्सा है. यह बदलाव नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत किए जा रहे पाठ्यक्रम संक्रमण से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा इस किताब में सामाजिक विज्ञान के विषयों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप पेश किया गया है.
एनसीईआरटी के अनुसार नई सोशल साइंस की किताब आज से कई माध्यमों के जरिए उपलब्ध होगी. छात्र और पेरेंट्स इस एनसीईआरटी पब्लिकेशन डिवीजन के आउटलेट्स और अधिकृत विक्रेताओं से खरीद सकते हैं. इसके अलावा एनसीईआरटी किताब को एनसीईआरटी की ऑफिशियल वेबसाइट और अमेजन के जरिए भी खरीदा जा सकेगा. एनसीईआरटी ने छात्रों और शिक्षकों को नई किताब के लिए अधिकृत बिक्री माध्यम का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
नई किताब में क्या है खास?
नई सोशल साइंस किताब में भारतीय इतिहास के अलग-अलग दौर और समाज में हुए बदलाव के साथ प्रतिरोध की घटनाओं को भी जगह दी गई है. इसके दूसरे भाग में रेजिस्टेंस एंड रेजिलिएंस (1000-1700) नाम का एक अध्याय शामिल है. इस अध्याय में भारतीय उपमहाद्वीप में 7वीं सदी के बाद हुए विभिन्न आक्रमणों और उनके खिलाफ अलग-अलग क्षेत्र में हुए प्रतिरोध के उदाहरण दिए गए हैं.
नई किताब में गुमनाम नायकों की शौर्य गाथा
एनसीईआरटी की कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब में देश के गुमनाम नायकों की शौर्य गाथा बताई गई है. इस किताब में मुगल साम्राज्य के खिलाफ जाटों के प्रतिरोध को भी शामिल किया गया है. इसके अनुसार गंगा-यमुना दोआब में रहने वाले जाटों का भारी कर और शोषण का दबाव था. पाठ्यपुस्तक में बताया गया है कि 1669 में गोकुल जाट के नेतृत्व में विरोध हुआ. इसके बाद 1686 में सिनसिनी और सोगर के जमींदारों के नेतृत्व में एक और विद्रोह हुआ. इसके अलावा नई किताब में चालुक्य वंश की रानी नायकी देवी और उल्लाल की रानी अब्बक्का चौटा का उल्लेख है. किताब के अनुसार रानी नायकी की देवी ने 1178 में माउंट आबू के पास कासहरड़ा में मुहम्मद गौरी को पराजित किया था. वहीं रेजिस्टेंस एंड रेजिलिएंस अध्याय में सिख समुदाय के प्रतिरोध और सिख गुरुओं की शहादत का भी उल्लेख किया गया है. किताब के अनुसार सिख गुरुओं के बढ़ते सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव के चलते 17वीं सदी की शुरुआत से मुगल शासन का उनके मामलों में हस्तक्षेप बढ़ा. इसमें जहांगीर के शासनकाल में गुरु अर्जन देव और औरंगजेब के शासनकाल में गुरु तेग बहादुर को मृत्युदंड दिए जाने की घटनाओं को सिख इतिहास की सबसे जरूरी घटनाओं के रूप में बताया गया है.
ये भी पढ़ें-अक्टूबर में बच्चों की मौज, गांधी जयंती से दशहरा तक देखें छुट्टियों की लिस्ट
महाराणा प्रताप के विरोध का भी जिक्र
नई किताब में 1582 में उदयपुर के पास हुए देवैर के युद्ध को भी जगह दी गई है. किताब के अनुसार इस युद्ध में मेवाड़ में मुगल सेना की कई जरूरी चौकियां ध्वस्त हुई और महाराणा प्रताप को मेवाड़ के बड़े हिस्से पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने में मदद मिली. इसके अलावा महाराणा प्रताप के उत्तराधिकारी महाराणा अमर सिंह के मुगल विस्तार के खिलाफ जारी प्रतिरोध का भी किताब में जिक्र किया गया है.
गणित की नई किताब भी हो चुकी है उपलब्ध
कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में बदलाव के तहत एनसीईआरटी पहले ही दूसरी नई किताबें उपलब्ध करा चुका है. इनमें गणित की नई किताब गणिता प्रकाश भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल संशोधित कक्षा 9 गणित पाठ्यक्रम के लिए किया जा रहा है. एनसीईआरटी के अनुसार गणित की किताब तैयार करने में गणित शिक्षकों और विषय सब्जेक्ट एक्सपर्ट से भी सुझाव लिए गए हैं. इसके लिए वर्कशॉप और एक्सपर्ट्स के साथ चर्चा की गई थी.
ये भी पढ़ें-स्कूल रैंकिंग में दिल्ली का दबदबा, सरकारी से लेकर प्राइवेट तक टॉप पर
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
