हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने का मामला सामने आया है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में कुल 10,854 प्रत्याशी बिना मुकाबले के ही निर्वाचित घोषित हुए हैं. यानी इन सीटों पर या तो केवल एक उम्मीदवार मैदान में बचा या फिर बाकी प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद उनकी जीत तय हो गई.
29 अप्रैल को जारी हुई थी अधिसूचना
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव के लिए अधिसूचना 29 अप्रैल 2026 को जारी की गई थी. इसके बाद 7, 8 और 11 मई को नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई गई. उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच 12 और 13 मई को संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों ने की.
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 मई को नाम वापसी का दिन तय किया गया था. इसी दिन कई उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए, जिसके बाद बड़ी संख्या में सीटों पर केवल एक-एक प्रत्याशी ही मैदान में रह गया. ऐसे उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया.
शिमला में सबसे ज्यादा उम्मीदवार निर्विरोध
आयोग की ओर से जारी जिला वार आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा वार्ड सदस्य शिमला जिले में निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. यहां 1687 वार्ड सदस्य बिना चुनाव के जीत गए. इसके अलावा कांगड़ा जिले में 1657 और सिरमौर जिले में 1166 वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं.
माना जा रहा है कि कई पंचायतों में आपसी सहमति और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों को सर्वसम्मति से समर्थन दिया गया, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में प्रत्याशी बिना मुकाबले जीतने में सफल रहे.
अलग-अलग पदों पर इतने उम्मीदवार चुने गए
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश में पंच सदस्य पद पर 85, प्रधान पद पर 176, उप-प्रधान पद पर 286, वार्ड सदस्य पद पर 10,307 और ग्राम पंचायसदस्य पद पर 131 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. इन सभी आंकड़ों को मिलाकर कुल 10,854 प्रत्याशी बिना चुनाव लड़े ही विजयी घोषित किए गए हैं.
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राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रही है और आयोग सभी जिलों में चुनावी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है.
