संतकबीरनगर जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. खलीलाबाद के मोती नगर मोहल्ले में बने इस तीन मंजिला मदरसे को 6 जेसीबी मशीनों से गिराया गया. कमिश्नर कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई.
सुबह 10 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई में एसडीएम हृदय राम तिवारी, एडीएम जय प्रकाश और सीओ के साथ तीन थानों के 100 से अधिक पुलिसकर्मी, 30 महिला सिपाही और दो प्लाटून पीएसी तैनात रही. पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था.
पाक कनेक्शन, विदेशी फंडिंग और ब्रिटेन से वेतन का आरोप
एटीएस जांच में सामने आया कि मौलाना 2007 से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था. वह इस्लामी प्रचार के नाम पर पाकिस्तान के कई शहरों में जाता था और वहां के धार्मिक संगठनों के संपर्क में था. ईडी जांच में करोड़ों की विदेशी फंडिंग के मामले सामने आए.
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मौलाना 2007 में ब्रिटेन चला गया और 2013 में वहां की नागरिकता ले ली, फिर भी 2017 तक भारत के मदरसे से वेतन लेता रहा. आरोप है कि इस दौरान उसने करीब 16 लाख रुपये अवैध रूप से प्राप्त किए. इस मामले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है.
तीन मुकदमे दर्ज, SIT कर रही जांच
640 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर बिना नक्शा पास कराए बना यह मदरसा एक साल पहले तहसीलदार कोर्ट के आदेश पर सील हुआ था. मदरसा कमेटी ने कमिश्नर कोर्ट में याचिका दायर की, जो खारिज होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई.
मौलाना के खिलाफ विदेशी फंडिंग, धोखाधड़ी और आर्थिक अनियमितता के तीन मुकदमे दर्ज हैं. दो में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. पूरे मामले की जांच SIT कर रही है और जांच में और नाम सामने आने की संभावना है.
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