राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एसआईआर के मुद्दे पर शनिवार को कहा है कि वो साबित कर देंगे कि वोट चोरी हुई है. इसको लेकर वह कुछ दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा है कि 2004 और 2009 के अपनी संसदीय क्षेत्र की एक विधानसभा के आंकड़े रखेंगे, जहां लाखों लोगों के वोट काटे गए हैं और काटे जा रहे हैं.
सिब्बल ने कहा है कि इस तरह की स्थिति कई विधानसभाओं में है. जहां करोड़ों वोटर्स के नाम काटे जा रहे हैं. ये लोग वहीं, रहते हैं, उनके पते हैं. उनके पास आधार कार्ड हैं. लेकिन उन्हें ऐसा दिखाया जा रहा है, जैसे वहां हैं ही नहीं. अगर इस तरह से वोट काटे जाएंगे. और वोट का अधिकार छीना जाएगा, तो निश्चित रूप से लोग सड़कों पर उतरेंगे.
दिल्ली: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, “…मैं अगले कुछ ही दिनों में खुद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। जिस संसदीय क्षेत्र से मैं 2004 और 2009 में चुना गया था, वहां की एक विधानसभा सीट को लेकर मैं आंकड़े सामने रखूंगा और साबित करूंगा कि लाखों मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यही… pic.twitter.com/Pt3FsRwuvs
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 3, 2026
मैं साबित कर दूंगा लाखों वोट काटे जा रहे हैं: कपिल सिब्बल
सिब्बल ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि उन लोगों ने मान लिया है कि करोड़ों की तदाद में लोगों के वोट डिलीट किए जा रहे हैं. सिब्बल ने कहा है कि वोटर आईडी डीलीट करना कोई एक मसला नहीं है. उससे कई सहूलियतें जुड़ी हुई हैं. कई वेलफेयर स्कीम जुड़ी हुई हैं. तो उनको वो राहत भी नहीं मिलती. वो अनाज भी नहीं मिलेगा. वो उनकी प्रॉपर्टी है, उनका अधिकार छीना जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट बात नहीं सुन रहा. आप ऐसे ही चलते रहो. तो काम नहीं चलेगा, इसका विरोध तो करना पड़ेगा. कपिल सिब्बल लगातार इस मसले को उठा रहे हैं. वह प्रदर्शनकारियों के साथ शनिवार को सड़कों पर भी उतरे थे.
अब सड़कों पर उतरने का वक्त आ गया है: सिब्बल
मार्च के दौरान उन्होंने मीडिया के सवाल पर कहा कि यहां आज इसलिए आया हूं, कि सारे देशवासियों को कहने के लिए कि अब वक्त आ गया है, कि सड़कों पर उतरो और शांतिपूर्वक प्रोटेस्ट करो. आपको याद होगा कि जब गांधी जी प्रोटेस्ट कर रहे थे, अंग्रेजों को खिलाफ, तो गांधी जी को पैदल चलना पड़ता था. तो इन्होंने गांधी जी का सपना है, इन्होंने सीखा दिया कि आज ये लोग हमें पैदल चलने की अनुमति दे रहे हैं. जैसा गांधी जी ने किया था. मैं विश्वास करता हूं, कि सारे देश की जनता, अगर इन मुहीम के खिलाफ है तो पैदल चलेगी. जनता सड़कों पर आएगी, कोर्ट सुनवाई करेगी, नहीं तो ये जनसैलाब बन जाएगा.
