Headlines

SIR विवाद पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, ‘केवल ज्ञानेश कुमार…’


देश में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद के बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया है. शुक्रवार (25 सितंबर, 2026) को पीके मुजफ्फरपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे.

प्रशांत किशोर ने निर्वाचन आयोग (ईसी) पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी कार्यशैली से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अनुचित लाभ मिला है. उन्होंने कहा, “मैं पहला व्यक्ति था जिसने यह मुद्दा उठाया था. मैंने 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ही यह बात कही थी.”

‘केवल ज्ञानेश कुमार…’

पीके ने कहा, “चुनाव की निष्पक्षता धनबल, नौकरशाही के इस्तेमाल और मतदाता सूचियों में कथित छेड़छाड़ जैसे विभिन्न मुद्दों के कारण प्रभावित हो रही है.” यह आरोप भी लगाया कि, “यह गिरावट केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में शुरू नहीं हुई. उनके एक पूर्ववर्ती सेवानिवृत्ति के बाद एक बैंक के अध्यक्ष बन गए, जबकि उनका बैंकिंग क्षेत्र से कोई विशेषज्ञता संबंधी अनुभव नहीं था. यह स्पष्ट रूप से एक हाथ से देने और दूसरे हाथ से लेने का मामला है.”

‘पक्षपात के कारण हार जाते हैं टक्कर देने वाले दल’

राजनीतिक प्रचार संस्था आईपैक में काम करते समय तृणमूल कांग्रेस के चुनाव अभियान का नेतृत्व कर चुके किशोर ने दावा किया, “मैंने स्पष्ट कहा था कि भारतीय जनता पार्ट 77 सीट जीत सकती है क्योंकि उसे निर्वाचन आयोग का संरक्षण प्राप्त है. यदि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होते तो उसकी सीट 50 से अधिक नहीं होतीं. आयोग के पक्षपात के कारण बीजेपी से कड़ी टक्कर देने वाले दल हार जाते हैं.”

यह भी पढ़ें- SIR विवाद में कांग्रेस का पटना में प्रदर्शन, पुलिस ने चलाया वॉटर कैनन

‘…तो 50 हजार के अंतर से जीतता’

आरोप लगाते हुए कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भी यही स्थिति देखने को मिली. यदि निर्वाचन आयोग प्रशासनिक मशीनरी के खुले दुरुपयोग और चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी द्वारा सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाने की अनदेखी नहीं करता, तो मैं कम से कम 50,000 मतों के अंतर से जीतता.

यह भी पढ़ें- ज्ञानेश कुमार के विवाद में चिराग पासवान की पहली प्रतिक्रिया, ‘मैं सरकार…’



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *