Headlines

TMC के बागी सांसद अबू ताहिर खान का बड़ा बयान, ‘हम NDA के साथ नहीं, लेकिन CM…’


ममता बनर्जी की टीएमसी का साथ छोड़कर 20 बागी सांसद सत्ताधारी एनडीए में भले शामिल हो चुके हों, लेकिन अब इस गुट में मतभेदों के संकेत भी सामने आने लगे हैं. मंगलवार (4 अगस्त) को सत्तारूढ़ गठबंधन की साप्ताहिक बैठक हुई, जिसमें एनसीपीआई के तीन सांसद (जंगीपुर, मुर्शिदाबाद और बहरामपुर से लोकसभा सांसद खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान और यूसुफ पठान) शामिल नहीं हुए. तीनों एनसीपीआई सांसदों की एनडीए संसदीय दल की पहली मंगल मिलन बैठक से भी दूर रहे थे.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए अबू ताहेर खान ने कहा, ‘हम एनडीए के साथ नहीं हैं और न ही भाजपा में जा रहे हैं, निश्चिंत रहें. आज एनडीए की बैठक भी थी और हम तीनों उसमें शामिल नहीं हुए, लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बुलाई गई बैठक में हम जरूर शामिल होंगे क्योंकि यह मेरे निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों से संबंधित है. हम मुसलमानों के खिलाफ किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेंगे.’

क्यों अहम है तीनों सांसदों की मीटिंग से गैरमौजूदगी

PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले तीनों सांसदों ने एनडीए की बैठक में भाग न लेने का फैसला किया, क्योंकि उनके मतदाताओं के एक वर्ग ने भाजपा के साथ उनके कथित संबंधों पर सवाल उठाए थे. इन तीनों सांसदों की गैरमौजूदी इसलिए भी अहम है, क्योंकि 20 सदस्यीय एनसीपीआई ग्रुप की मान्यता का मामला अभी भी अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष लंबित है.

यह अलग हुआ ग्रुप दलबदल विरोधी कानून के तहत संरक्षण तभी हासिल कर सकता है, जब इसमें टीएमसी के मूल 28 लोकसभा सांसदों की संख्या का कम से कम दो-तिहाई हिस्सा हो.

सुदीप सुदीप बंद्योपाध्याय ने मतभेद की अटकलों को किया खारिज

उधर, एनसीपीआई के फ्लोर लीडर सुदीप बंद्योपाध्याय ने बागी सांसदों के बीच मतभेद की अटकलों को खारिज किया. मंगलवार (4 अगस्त) को पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए. इससे पहले वह 28 जून की बैठक में शामिल नहीं हो सके थे. उन्होंने कहा, ‘मैं देश के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हूं. एनसीपीआई में सभी एकजुट हैं, यह एक अच्छा अनुभव है.

92 साल की उम्र में कांग्रेस नेता DY पाटिल का निधन, PM मोदी ने जताया शोक

टीएमसी नेता दिलीप घोष भी बागियों को लेकर कर चुके बड़ा दावा 

इससे पहले टीएमसी के सीनियर लीडर दिलीप घोष ने भी दावा किया था कि कई बागी सांसद और विधायक दोबारा पार्टी में वापस आना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा कि बागी विधायक ममता बनर्जी के संपर्क में हैं. घोष ने यह भी आरोप लगाया कि बागी नेताओं को टीएमसी में लौटने से रोकने के लिए बीजेपी पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है.

AIR India फ्लाइट में टर्बुलेंस पर मचा बवाल: एक्शन में DGCA, एयरलाइन ने बताई वजह



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *