राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार की ओर से 6 और 7 जुलाई को प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर जनसुनवाई का बहिष्कार करने का ऐलान किया है. इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जनसुनवाई तत्काल रद्द करने की मांग की है.
डोटासरा ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार ने अभी तक यूसीसी का कोई मसौदा (ड्राफ्ट) सार्वजनिक नहीं किया है. लोगों से सुझाव या आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया भी नहीं शुरू की गई है. उनका कहना है कि किसी भी कानून पर जनसुनवाई से पहले उसका ड्राफ्ट सार्वजनिक होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है, ताकि सभी पक्ष उसे पढ़कर अपनी राय दे सकें.
‘आपसी सौहार्द का प्रभावित करना चाहती है सरकार’
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ड्राफ्ट जारी किए जनसुनवाई कराना केवल एक अनावश्यक बहस खड़ी करने की कोशिश है, जिससे प्रदेश की सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द प्रभावित हो सकता है. डोटासरा ने कहा कि इससे अलग-अलग धर्मों, जातियों और जनजातियों के बीच अपने अधिकारों और परंपराओं को लेकर भ्रम और आशंकाएं पैदा हो सकती हैं.
‘सरकार को स्वास्थ्य, बेरोजगारी और शिक्षा पर देना चाहिए ध्यान’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र में यह भी कहा कि राजस्थान इस समय कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की समस्याएं, कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, किसानों को खाद-बीज की कमी, कृषि विभाग में भ्रष्टाचार और कई क्षेत्रों में पेयजल व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी उल्लेख किया।
गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सरकार को इन मुद्दों पर जनसुनवाई कर समाधान निकालना चाहिए. डोटासरा ने मुख्य सचिव से आग्रह किया कि यूसीसी पर प्रस्तावित जनसुनवाई का आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर चर्चा कराई जाए. उन्होंने कहा कि यदि सरकार बिना मसौदा सार्वजनिक किए मौजूदा स्वरूप में जनसुनवाई कराती है तो राजस्थान कांग्रेस इसका पूरी तरह बहिष्कार करेगी.
