ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल नहीं होने के बाद बांग्लादेश ने भारत के साथ रिश्ते को लेकर बड़ा बयान दिया है. तारिक रहमान की सरकार में विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि भारत भी बाकी देशों की तरह एक देश है और हम हमेशा उनकी चर्चा नहीं कर सकते. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंध को फिर से बेहतर करना चाहता है. हुमायूं कबीर के अनुसार, ढाका और दिल्ली के बीच पिछले 15 सालों के दौरान जो संबंध थे उससे आगे निकलकर इसे नए सिरे से बहाल करने की जरूरत है.
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली नहीं आए थे. तब हुमायूं कबीर ने कहा था कि बांग्लादेश के पीएम को आमंत्रित नहीं किया गया. प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार हुमायूं कबीर से पूछा गया कि क्या संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. ये सवाल सुनते ही हुमायूं कबीर का पारा चढ़ गया.
हर वक्त भारत की बात नहीं कर सकते: बांग्लादेश
उन्होंने कहा, ‘हम हर समय नाश्ते, लंच और डिनर करते समय सिर्फ भारत के बारे में ही नहीं सोच सकते. हमें भारत को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने या अटके रहने की आदत से बाहर निकलना होगा. भारत भी बाकी देशों की तरह ही एक देश है और बांग्लादेश उसके साथ अच्छे संबंध चाहता है.’ उन्होंने कहा कि बांग्लादेश जिस देश से अपने संबंध सुधारना चाहता है, उससे बातचीत किसी बड़े बहुपक्षीय सम्मेलन के दौरान अलग से मिलने के बजाय सीधे दोनों देशों के बीच आधिकारिक यात्रा के जरिए होनी चाहिए.
बांग्लादेश-भारत सीमा को लेकर हुमायूं का बयान
बांग्लादेश-भारत सीमा पर हुई हालिया घटनाओं के सवाल पर हुमायूं ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों को कूटनीतिक रास्ते से सुलझाएगी. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, अंतरराष्ट्रीय कानूनों, सीमा से जुड़े नियमों और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करते हुए हर सही मंच पर भारत के सामने अपनी चिंताएं और मुद्दे रखेगा. दोनों देशों के बीच हुए 101 समझौतों के रिव्यू से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि संसदीय प्रक्रिया के तहत इन समझौतों की जांच और अध्ययन किया जा रहा है.
